आसमान से बरसती आग में खडा है 4 हजार किसान अपना गेंहू तुलाने, ​भ्रष्टाचार के कारण सरक नही लाईन | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। शासन का नया प्रयोग लगभग 20 खरीदी केन्द्रो को मिलाकर बनाए गए 30 हजार मैट्रिक टन क्षमता वाले गेंहू खरीदी केन्द्र पर किसानो की ट्रेक्टरो की लंबी लाईन देखने को मिल रही है,इस आग बरसाते आसमान के नीचे खडे किसानो ने कहा कि यह जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है और भ्रष्टाचार के कारण यह लाईन नही सरक रही है। कई किसान अपनी बारी को पिछले 4 दिन से इंतजार कर रहे है। 

खरीद केंद्र से पड़ौरा के बीच 5 किमी लंबा फासला है। इस पूरे रास्ते में सडक किनारे किसान अपनी करीब 4 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गेहूं बेचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका यह इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। बीते 5 दिनों से केंद्र पर यही हालात हैं। इनकी सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। जहां तक भी नजर जा रही है, वहां किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली दिखाई दे रही हैं। इस केंद्र का संचालन पनामा कंपनी कर रही है।

इन केन्द्र हो हुआ था टोकन बेचने का वीडियो वायरल 
दो दिन पहले इसी केंद्र पर लेनदेन कर टोकन थमाने का वीडियो वायरल हुआ था। किसानों का कहना है कि केंद्र पर साठगांठ कर टोकन दिया जाता है। एक किसान को 3 से 4 कूपन थमा दिए जाते हैं जो एक बीच के रास्ते से सीधे खरीदी केंद्र पर पहुंचता है। जहां गेहूं की तुलाई हो जाती है और इधर दूसरी तरफ कतार लगाए किसान प्रतीक्षा में ही खड़े रह जाते हैं।

किसान बोले-इससे तो केंद्र पर हो जाती सुनवाई
पहले किसानों की उपज उनके गांव के निकट बनाए जाने वाले खरीद केंद्र पर हो जाती थी, लेकिन इस बार सायलो केंद्र जहां गेहूं भंडारण करके रखने का व्यापक इंतजाम हैं, वहां 20 केंद्रों को जोड़कर किसानों से कहा गया कि वे फसल बेचने सायलो केंद्र जाएं। यहां आरंभ से ही किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बीते दिनों भी खरीद न होने की जानकारी सामने आई थी।

आग बरसाते आसमान के नीचे खडे किसानो ने यह कहा 

कतार में खड़े किसान करतार सिंह, बलविंदर, हरज्ञान, मोतीसिंह, हजारासिंह, रामचरण, हक्केराम, सुघर सिंह, बादाम सिंह, ठाकुरलाल, रामप्रसाद, गोबिंदी ने एक स्वर में कहा कि खरीदी केंद्र पर आकर पछता रहे हैं। किसी के घर में शादी है तो किसी को उधार लिए पैसे लौटाने हैं।

किसी ने ट्रॉली किराए पर ली है उसके पैसे वापस देने की जल्दी है, लेकिन यहां सुनवाई नहीं हो रही। तेज धूप में पसीना बहाते हुए खड़े हुए हैं। न छांव हैं और न ही पीने का पानी। खरीदी केंद्र पर किसानों का गेहूं खरीदने के बाद ट्रैक्टर के माध्यम से उसे बैगों तक भरने ले जाते हैं। यहां करीब 5 से ज्यादा ट्रैक्टर उपयोग में लाए जाएं तो खरीदी तेजी से हो सकती है।

लेकिन केंद्र पर ट्रैक्टर मौजूद होने के बावजूद केवल दो ट्रैक्टर से ही बैग भरे जा रहे हैं। नतीजे में हर दिन केवल 250 ट्रैक्टर का गेहूं ही खरीदा जाता है। नतीजे में हजारों ट्रैक्टर कतारबद्ध खड़े हुए हैं। किसान धूप से बचने के लिए ट्रॉलियों के नीचे छांव का सहारा ले रहे हैं।

गांव से आए किसान रामसेवक, गयाजीत, बल्ले, प्रीतमसिंह ने बताया कि वह केंद्र पर दो दिन पहले आए थे और यहां अब तक लाइन में खड़े हैं। दो दिन बीत जाने के बाद भी उनका नंबर नहीं आया है ऐसे में वे दिन तो दिन रात में भी खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। किसानों ने बताया कि न तो यहां पानी है न छांव हैं। ऐसे में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसान अजुद्धी ने बताया कि 12 मई को उनकी बेटी की शादी है और वह सायलो केंद्र पर खड़े हैं, घर में काम करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में उन्हें बाजार के सामान से लेकर कार्ड बांटने रिश्तेदारी में भी जाना है। शादी में कम ही समय बचा है। केंद्र पर अभी तक उनका गेहूं तक नहीं तौला गया है।