श्यामलाल के लाखों रुपए उड़ाने वाले निकले झारखंड, तार बंगाल तक जुटे, पढ़िए खबर

Adhiraj Awasthi
Uploaded Image करैरा। मोबाइल और बैंकिंग की दुनिया में छिपे साइबर ठगों के जाल पर करैरा पुलिस ने बड़ा वार करते हुए 2 लाख 62 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने झारखंड के हजारीबाग से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो महज 20-20 साल की उम्र में अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा बनकर लोगों के खातों पर डाका डाल रहे थे। यह पूरी कार्रवाई जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत की गई है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर करैरा निवासी एक व्यक्ति के खाते से 2.62 लाख रुपए उड़ा लिए थे और बाद में उस रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाकर डिजिटल सबूत कमजोर करने की कोशिश की थी। लेकिन इस बार करैरा पुलिस ने ठगी की रकम की डिजिटल ट्रेल पकड़ते हुए झारखंड तक का रास्ता नाप डाला और गिरोह के दो सदस्यों को दबोच लिया।

एक शिकायत से खुला इंटरस्टेट साइबर नेटवर्क
इस पूरे मामले की शुरुआत 12 जनवरी 2026 को हुई थी, जब सीता सेंट्रल स्कूल के पास, करैरा निवासी 49 वर्षीय श्याम कुमार गुप्ता ने थाना करैरा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। श्याम कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि अज्ञात साइबर ठगों ने उनके खाते से 2 लाख 62 हजार रुपए निकाल लिए हैं। करैरा पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस मामले में थाना करैरा पर अपराध क्रमांक 28/2026 के तहत धारा 308, 318(4), 319(2) BNS में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

डिजिटल ट्रेल से खुला झारखंड कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस ने जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी, उनकी बारीकी से पड़ताल की। बैंकिंग लेयर, खातों की मूवमेंट, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी डेटा और साइबर इनपुट की मदद से पुलिस को जो सुराग मिले, उन्होंने करैरा से सीधे झारखंड का रास्ता खोल दिया। जैसे-जैसे डिजिटल ट्रेल आगे बढ़ी, पुलिस को साफ हो गया कि यह मामला साधारण ऑनलाइन फ्रॉड नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा है।

इसी कड़ी में पुलिस ने 8 अप्रैल 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकडे गए आरोपियों के नाम बेदांत गुप्ता, पुत्र अरविंद्र गुप्ता, उम्र 20 वर्ष
निवासी ब्लॉक मोड़ के पास, चोपारण, जिला हजारीबाग, झारखंड और गौरव मेहता, पुत्र प्रेम प्रकाश मेहता, उम्र 20 वर्ष निवासी – इचका बरका, हजारीबाग, झारखंड हैं।

पूछताछ में कबूल किया ठगी का खेल
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, तो उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 2 लाख 62 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रकम को सीधे अपने खाते में नहीं रखा, बल्कि उसे कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया। यह तरीका साइबर गिरोहों द्वारा अक्सर अपनाया जाता है, ताकि मूल आरोपी तक पहुंचना कठिन हो जाए, रकम को छोटे हिस्सों में बांटकर निकाला जा सके,और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।

झारखंड ही नहीं, पश्चिम बंगाल तक फैला है गिरोह का नेटवर्क
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े हो सकते हैं। यानी यह केवल दो युवकों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित साइबर सिंडिकेट की परतें खोल सकता है।