युद्ध का फेरो पर भी असर,महंगी प्लेट लिमिटेड गेस्ट,बजट मेंटेन करने में छूट रहे है पसीने

Adhiraj Awasthi
शिवपुरी
। 15 अप्रैल को खरमास की विदाई हो चुकी है,अब शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। इस माह मे अक्षय तृतीया भी है,अबूझ मुर्हूत है,जिले मे कई सम्मेलन इस दिन होगें। वही पंडितों की माने शादी के इस सीजन मे सिमित मुर्हूत ही बने है। इस पूरे सीजन में  केवल 15 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। समय कम होने के कारण मैरिज गार्डन और होटलों की मारामारी इस कदर है कि शहर के 90 प्रतिशत मैरिज गार्डन पहले ही बुक हो चुके हैं।

ग्लोबल तनाव का लोकल असर

शादी-ब्याह के बजट पर केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कारणों का भी असर दिख रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव और गैस संकट के चलते कैटरिंग और डेकोरेशन का खर्च 20 से 25 प्रतिशत तक उछल गया है। होटल पीएस रेजीडेंसी के संचालक पवन जैन बताते हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से खाने की प्रति प्लेट लागत बढ़ गई है। साथ ही, सजावट में इस्तेमाल होने वाले फूल और लाइटिंग के दाम भी आसमान छू रहे हैं।

ज्वेलरी और कपड़ों के बढ़े दाम

सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि शगुन की खरीदारी भी महंगी हो गई है। ज्वेलरी विक्रेता मोनू माहेश्वरी के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों और कपड़ों पर बढ़ी लागत ने मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। आलम यह है कि लोग अब फिजूलखर्ची रोकने के लिए गेस्ट लिस्ट छोटी कर रहे हैं और भोजन के मेन्यू में भी कटौती कर रहे हैं।

बाजारों में जाम जैसे हालात

महंगाई के बावजूद, भारतीय शादियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। शिवपुरी के प्रमुख बाजारों में कपड़े, गहने और किराना की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। खरीदारी के इस जुनून के चलते शहर की सड़कों पर बार-बार जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक बजट को लेकर सतर्क जरूर हैं, लेकिन सहालग की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।