बदरवास। विकासखंड शिक्षा कार्यालय में फैली प्रशासनिक अव्यवस्था का खामियाजा इन दिनों यहाँ के करीब 45 शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले तीन महीनों से इन शिक्षकों के वेतन में बिना किसी स्पष्ट कारण के 5 से 6 हजार रुपये की भारी कटौती की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार लिखित शिकायत और बीईओ कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद समस्या का समाधान केवल 'फिक्सेशन' का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। एक ओर जहाँ शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की अनदेखी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है। शिक्षकों ने अब साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी रुकी हुई राशि का भुगतान और वेतन सुधार नहीं हुआ, तो वे स्कूलों में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।45 Teachers' Salaries Cut by ₹5,000 Each Due to Negligence by Badarwas BEO
शिक्षकों के अनुसार वेतन कटौती का कारण फिक्सेशन बताया जा रहा है। इस संबंध में न तो कोई स्पष्ट जानकारी दी जा ही है। त्रुटि सुधार की दिशा में भी कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। कई शिक्षकों ने तीन-तीन बार लिखित आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की। फिर भी विकासखंड कार्यालय की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फिलहाल बदरवास विकासखंड में वेतन कटौती का यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षकों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान करेगा। उन्हें पूर्ण वेतन और बकाया राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उनकी आर्थिक परेशानियां दूर हो सकेंगी।समाधान नहीं तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि फिक्सेशन में कोई तकनीकी त्रुटि है, तो उसे शीघ्र सुधारकर बकाया राशि का भुगतान किया जाना चाहिए। अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इससे शिक्षकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इससे शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डाल रही कटौती
प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनके वेतन में इस प्रकार की कटौती किया जाना न केवल अनुचित है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है। वेतन में लगातार हो रही कमी के कारण शिक्षकों को परिवार के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार आवेदन दिए
हमने कई बार आवेदन दिए हैं। आज तक हमारी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। मैं एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। मेरे लिए चार से ₹5000 मायने रखता है। पिछले 3 माह से मैं परेशान हूं। -
रवि पुरी गोस्वामी, शिक्षक प्राथमिक विद्यालय खिरिया
3 माह से परेशान हूं
मैंने आवेदन दिए। मुझे बताया गया कि फिक्सेशन फेल होने के कारण वेतन कटकर आ रहा है। हम दिखवा रहे हैं। कहा गया कि जल्द समाधान किया जाएगा। आज तक नहीं हुआ है। मैं पिछले 3 महीने से परेशान हूं।
संतोष कुमार झा, शिक्षक माध्यमिक विद्यालय, सुमेला जल्द समाधान करेंगे
यह मामला मेरे संज्ञान में है। हम उन सभी शिक्षकों की जानकारी एकत्रित कर रहे है। सबकी जानकारी लेकर ग्वालियर जाऐगें। फिक्सेशन का काम ग्वालियर में किया जाता है। बहुत ही जल्दी इस समस्या का समाधान होगा।
पीआर भगत बीईओ बदरवास