बदरवास। शिवपुरी के बदरवास में शनिवार शाम शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने ब्लॉक परिसर में रैली निकालकर मानव श्रृंखला बनाई और नारेबाजी करते हुए तहसीलदार सचिन भार्गव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में टीईटी से संबंधित जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने तथा राज्य सरकार से उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की गई।
प्रांतीय शिक्षक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद अवस्थी, कार्यकारिणी सदस्य मनीष बैरागी, महेंद्र गुप्ता, कपिल परिहार, अजय यादव और लक्ष्मण सिंह यादव के नेतृत्व में शिक्षकों ने कहा कि पहले से निर्धारित योग्यता के आधार पर नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके हितों और सम्मान के खिलाफ है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने ‘टीईटी का काला कानून वापस लो’ और ‘शिक्षकों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
कहा- वर्तमान नीतियों के कारण भेदभाव हो रहा
शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा और मेहनत से अपनी योग्यता सिद्ध की है, लेकिन वर्तमान नीतियों के कारण उनके साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में लागू आरटीई एक्ट के तहत टीईटी की अनिवार्यता जोड़ी गई थी, जिसे पहले से कार्यरत शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षकों ने शासन से मांग की कि टीईटी अनिवार्यता का आदेश निरस्त कर जल्द पुनर्विचार याचिका दायर की जाए और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लागू की जाए। उनका कहना है कि इससे उनकी 15 से 20 वर्षों की सेवा का समुचित मूल्यांकन हो सकेगा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एकजुटता दिखाई।