सिंध की मोटरो की फूली सांसे, 4 करोड़ से बदलेगी, 5 करोड़ लीटर पानी की प्रतिदिन होगी सप्लाई

Adhiraj Awasthi
Uploaded Image शिवपुरी। शिवपुरी शहर की लाइफ लाइन मानी जानी वाली योजना की लाईफ बढाने के लिए नगर पालिका शिवपुरी 4 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। शिवपुरी शहर की दो लाख की आबादी के लिए प्रतिदिन लगभग 45 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है,इसकी पूर्ति के लिए सिंध की मोटरो को 35 से 40 लीटर MLD पानी प्रतिदिन शिवपुरी की ओर धकेलना पड़ता है,लेकिन सिंध योजना की यह मोटर बार बार खराब होती है इस कारण शहर की पेयजल सप्लाई पर असर पडता है।

Sindh's Water Pumps Lose Power; To Be Replaced for ₹4 Crore.

ऐसे में नगर पालिका ने इस समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए सतनवाड़ा में मौजूद फिल्टर प्लांट व मड़ीखेड़ा स्थित इंटेकवेल पर लगी 3-3 कुल 6 मोटर बदलकर नई लगाने की कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए नगर पालिका ने झारखंड की एक कंपनी को 4 करोड़ रुपए में वर्क ऑर्डर दे दिया है। आगामी 4 से 6 महीने के अंदर दोनों स्थानों पर नई मोटर होने के बाद इस समस्या का हल हो जाएगा।

फिल्टर प्लांट व मड़ीखेड़ा स्थित इंटेकवेल पर वर्ष 2009 में डिजाइन हुई 3-3 मोटरों को वर्ष 2016 में लगाकर शुरू किया गया था। वैसे तो यह मोटर 15 साल के लिए डिजाइन हुई थी, लेकिन किन्ही कारणों से यह मोटरें महज 10 साल में ही दम तोड़ने लगी है। बताया जा रहा है कि इन मोटरों की देखरेख समय से नहीं की गई। इस कारण से यह स्थिति बनी है। अब यह मोटरें शहर को हर रोज जितना पानी सप्लाई होता है, उनको सप्लाई करने में सक्षम नहीं है। इस बड़ी समस्या को देखते हुए नगर पालिका ने दोनो स्थानों पर लगी मोटरों को बदलने का निर्णय लेते हुए मोटर खरीदने के लिए टेंडर कर सोमवार को ही वर्क ऑर्डर दिया है।


ऑर्डर देकर अलग से तैयार होती है यह मोटरें
फिल्टर प्लांट से लेकर इंटेकवेल पर जो 3-3 मोटरें लगी है। वह आसानी से बाजार में उपलब्ध नहीं है। बल्कि इनको बनाने के लिए अलग से ऑर्डर देना होता है। अब नगर पालिका ने जिस कंपनी को इन मोटरों को देने का ठेका दिया है। वह कंपनी मोटर बनाने वाली कंपनियों की फैक्ट्रियों पर सीधे मिलकर दोनों स्थानों पर लगने वाली मोटरों को डिजाइन कराएगी। इसलिए नई मोटरों को आने में 4 से 6 महीने का समय लगेगा। पुरानी मोटरें जो 124 मीटर हेड की होती है और 40 मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की सप्लाई करती थी। अब जो नई मोटरें आएगी वह 132 मीटर हेड की मोटरें होगी और प्रतिदिन 48.77 एमएमडी यानी मिलियन लीटर प्रतिदिन के हिसाब से पानी की सप्लाई करेंगी। यह मोटरें आगामी 20 साल के लिए 4 करोड़ रुपए की लागत से खरीदी जा रही है। इन मोटरों को खरीदने के लिए नगर पालिका से विशेष निधि द्वारा एक करोड़ रुपए की राशि मिल चुकी है और शेष राशि मोटर चलाने पर मिल जाएगी।

4 करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता है प्रतिदिन शहर को
आंकड़ों की माने तो शिवपुरी शहर में निवास करने वाले लोगों को प्रतिदिन अपनी दैनिक आवश्यकता की पूति के लिए 40 MLD पानी की आवश्यकता  है। इस इस ऑडिट को समझने के लिए इस भाषा का सरलीकरण करते है। 1 MLD का मानक 10 लाख लीटर होता है और इस प्रकार 10 MLD मे 1 करोड लीटर पानी प्रतिदिन होता है। इस प्रकार से शिवपुरी शहर को 40 एमएलडी पानी की आवश्यकता प्रतिदिन होती है,इसलिए शिवपुरी शहर मे निवास करने वाले लोग प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर पानी का उपयोग अपनी दैनिक आपूर्ति के लिए प्रतिदिन करते है। अब नई मोटर ही प्रतिदिन 48 एमएलडी पानी की सप्लाई करेगी,इस हिसाब से शहर में प्रतिदिन 5 करोड़ लीटर पानी पहुंचेगा।

कहा से आता है प्रतिदिन 4 करोड लीटर पानी,इसलिए लाइफ लाइन
शिवपुरी शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए सिंध जलावर्धन योजना से प्रतिदिन 35 से 40 लीटर MLD पानी प्रतिदिन सप्लाई होता है। वही बाणगंगा फिल्टर प्लांट से 5 MLD सप्लाई होती है। शहर में 494 बोरवेल अभी जिंदा है। यह बोरवेल 10 MLD पानी प्रतिदिन उगलते है। सप्लाई की व्यवस्था के शिवपुरी शहर में 18 ओवरहैड टैंक ( पानी की टंकी )  है और 9 संपवेल है। शहर में 25 हजार के लगभग वैध कनेक्शन है,और 5 से लेकर 10 हजार कनेक्शन अवैध चल रहे है।

इस डाटा का सार निकाले तो सिंध जलावर्धन योजना ही प्रतिदिन शिवपुरी शहर की प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त है। अगर सिंध की जलावर्धन योजना में रुकावट आती है तो शहर में 25 करोड़ लीटर पानी की कमी आ जाती है इस कारण शहर में सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई मे रुकावट आने के कारण हाहाकार मचने लगता है। इसलिए सिंध जलावर्धन योजना को शिवपुरी की लाइफ लाइन कहा जाता है।