शिवपुरी में डॉ मजूमदार के इंजेक्शन से गर्भवती महिला सहित अजन्मे शिशु की मौत

Adhiraj Awasthi
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 खनियाधाना। शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना सीमा में आने वाले अछरौनी गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर से एक गर्भवती महिला और उसके कोख मे पल रहे बच्चे की मौत की खबर मिल रही है।  मामूली बुखार का इलाज कराने गई 4 माह की गर्भवती महिला की जान एक फर्जी डॉक्टर के इंजेक्शन ने ले ली। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के सपनों को तोड़ गई, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल भी खोल गई।

गांव अछरौनी निवासी 21 वर्षीय गुनगुन गौतम, जो अपने पहले बच्चे की उम्मीद में थी, को अचानक तेज बुखार आया। पति तेज सिंह बैस उसे इलाज के लिए पास के ही एक झोलाछाप डॉक्टर की क्लिनिक पर ले गया, जहां अपूर्व मजूमदार नामक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था।

बताया जा रहा है कि तथाकथित डॉक्टर ने बिना किसी जांच के गुनगुन को हाथ और कमर में इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही गुनगुन को तेज जलन होने लगी। हालत इतनी बिगड़ी कि क्लिनिक की सीढ़ियां उतरते-उतरते वह बेहोश हो गई। घबराए परिजन उसे तुरंत खनियाधाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी,डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक साथ मां और अजन्मे बच्चे की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। ग्रामीणों में आक्रोश है कि अगर समय पर सही चिकित्सा सुविधा मिलती, तो शायद गुनगुन की जान बचाई जा सकती थी।

पुलिस ने पति की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया है और आरोपी फर्जी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है, खनियाधाना क्षेत्र में पहले भी अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से कई जिंदगियां जा चुकी हैं।