मैडम ज्योति ने स्टूडेंट्स के करियर को बनाया प्रयोगशाला, IP पर ताला - रिजल्ट बिगडा

Adhiraj Awasthi
Uploaded Image शिवपुरी | पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय शिवपुरी में शिक्षा के साथ एक ऐसा प्रयोग हुआ है जिसने छात्रों के करियर को ही प्रयोगशाला बना दिया। सत्र 2025-26 की शुरुआत में छात्रों ने बड़े चाव से इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज (IP) विषय चुना, फीस भरी और दो तिमाही तक कोडिंग सीखी। लेकिन फिर अचानक स्कूल प्रशासन ने सिस्टम ही बदल दिया।

आधी अधूरी पढ़ाई, पूरा तनाव
बीच सत्र में अचानक आईपी विषय बंद कर दिया गया। छात्रों ने जब एप्लाइड मैथ्स जैसे विकल्प मांगे, तो उनकी आवाज दबा दी गई और उन पर जबरन हिंदी विषय थोप दिया गया। नतीजा यह हुआ कि जिन हाथों में कीबोर्ड होना था, वे मजबूरी में व्याकरण रटने लगे।

परिणामों पर सीधा असर, कई छात्र फेल
इस बदलाव का सीधा असर परीक्षा परिणामों पर देखने को मिला। जिन छात्रों ने पूरे सत्र में IP की तैयारी की थी, वे नए विषय में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। परिणामस्वरूप कई छात्र असफल हो गए, जिससे अभिभावकों में असंतोष बढ़ गया है।

अभिभावकों का आरोप: फीस ली, विषय छीन लिया
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने IP विषय की फीस वसूलने के बाद उसे बीच सत्र में बंद कर दिया, जो छात्रों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि इस निर्णय से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। कुछ छात्रों ने मानसिक दबाव के चलते विद्यालय छोड़कर ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) भी ले लिया।

नियमों पर उठे सवाल
केवीएस के नियमों के मुताबिक, एक बार फीस जमा होने और विषय आवंटन के बाद उसे बीच सत्र में बंद करना शैक्षणिक अनुबंध का सीधा उल्लंघन है। प्राचार्य के पास यह अधिकार नहीं है कि वह मनमाने ढंग से विषय बदल दे; इसके लिए रीजनल ऑफिस की लिखित अनुमति अनिवार्य है।

अधिकारी का रुख
जहाँ एक ओर प्राचार्य पुनीता ज्योति इन आरोपों को भ्रामक बता रही हैं, वहीं भोपाल रीजनल ऑफिस की असिस्टेंट कमिश्नर किरण मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की बात कही है।