शिवपुरी। एक तरफ आसमान से सूरज की तपिश बरस रही है और पारा 36 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनी की अघोषित कटौती ने शिवपुरी के नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर में रोजाना 5 से 6 घंटे और ग्रामीण अंचलों में 8 से 10 घंटे की बिजली कटौती एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। विडंबना यह है कि जिले के प्रभारी मंत्री स्वयं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर हैं, फिर भी उनके प्रभार वाले जिले में बिजली व्यवस्था वेंटिलेटर पर नजर आ रही है।चोरी और घाटे का बहाना, जनता पर निशाना
सूत्रों और आंकड़ों के मुताबिक, जिले में बिजली की जितनी खपत है, कंपनी उस अनुपात में वसूली नहीं कर पा रही है। जिले में लगभग 30 प्रतिशत बिजली चोरी के माध्यम से जलाई जा रही है। बिजली चोरी रोकने और शत-प्रतिशत बिल वसूली में नाकाम रही कंपनी अब अपने घाटे को कम करने के लिए लोड शेडिंग और अघोषित कटौती का सहारा ले रही है। इसका सीधा खामियाजा उन ईमानदार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है जो समय पर बिल भरते हैं।
संडे बना ब्लैक संडे: 6 घंटे गुल रही बिजली
रविवार को शहर के रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों जैसे कस्टम गेट, गांधी कॉलोनी और फिजिकल क्षेत्र में सुबह 7 बजे से ही बिजली गुल हो गई। विभाग ने मेंटेनेंस का मैसेज तो भेजा था, लेकिन काम निर्धारित समय के काफी बाद तक चला। दोपहर 12.30 से 1.00 बजे के बीच बिजली बहाल हुई, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों की हालत बिगड़ गई।
व्यापार और खेती पर सीधा असर
बिजली की इस आंख-मिचौली ने व्यापारिक पहिये को भी रोक दिया है। आटा चक्की चलाने वाले छोटे दुकानदारों से लेकर औद्योगिक क्षेत्र के बड़े उद्यमियों को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, पिपरसमा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वोल्टेज की समस्या और अघोषित कटौती के कारण खेती के काम रुक गए हैं, जिससे किसान अब महंगे डीजल जनरेटर का उपयोग करने को मजबूर हैं।
शिकायत केंद्र का एक ही राग, फॉल्ट हो गया है
जब भी परेशान उपभोक्ता बिजली कंपनी के शिकायत नंबर पर कॉल करते हैं, तो वहां से रटा-रटाया जवाब मिलता है कि "आपके क्षेत्र में फॉल्ट हो गया है, जल्द सुधार होगा।" हकीकत यह है कि रात के समय भी 2 से 4 घंटे की अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों की नींद हराम हो गई है।
जिम्मेदारों का पक्ष
हम जानबूझकर बिजली नहीं काटते। नई लाइन बिछाने और पोल लगाने का काम चल रहा है, जिसके कारण मरम्मत हेतु बिजली बंद करनी पड़ती है। उपभोक्ताओं को इसकी सूचना पहले ही दे दी जाती है।
श्रवण पटेल, डीई, बिजली कंपनी, शिवपुरी