शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा में स्थित गोरस रोड पर डामरीकरण कार्य के शुभारंभ ने पोहरी क्षेत्र की राजनीति में जबरदस्त हलचल मचा दी है। एक ओर कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने नारियल फोड़कर और फीता काटकर सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया, तो दूसरी ओर भाजपा खेमे ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “श्रेय लेने की राजनीति” करार दिया है।
पूर्व मंत्री सुरेश धाकड़ राठखेड़ा ने इस मुद्दे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह परियोजना भाजपा सरकार के समय स्वीकृत हुई थी और इसकी नींव भी उसी दौरान रखी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक तैयार काम का श्रेय लेकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
राठखेड़ा ने कहा कि शिवपुरी-गोरस मार्ग के साथ-साथ पिपरसमा चर्च-बिलोआ सड़क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भाजपा शासनकाल में ही स्वीकृत की गई थीं। उस समय केंद्र में मंत्री रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इसमें अहम भूमिका रही थी।
उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी कारणों, खासकर सिंगल टेंडर की स्थिति के चलते काम कुछ समय के लिए जरूर अटक गया था, लेकिन बाद में भाजपा सरकार ने ही प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराकर इस परियोजना को जमीन पर उतारा।
पूर्व मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस विधायक की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि “विधायक में इतनी राजनीतिक हैसियत नहीं है कि एक किलोमीटर सड़क तक स्वीकृत करवा सकें, और आज करोड़ों की सड़क का फीता काटकर वाहवाही लूट रहे हैं।”
राठखेड़ा ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वास्तव में विधायक में दम है तो वे कोई नई बड़ी परियोजना, जैसे डेम, स्वीकृत करवा कर दिखाएं। तभी उनकी राजनीतिक ताकत साबित होगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पोहरी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब देखना यह होगा कि जनता इस सियासी बयानबाजी को किस नजर से देखती है और सड़क निर्माण के इस मुद्दे पर किसे असली श्रेय देती है।
