कोलारस। शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत मनीपुरा में शुक्रवार सुबह हरिजन बस्ती के शासकीय स्कूल के सामने खड़े एक शीशम के पेड़ पर एक युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला हैं। सबसे पहले यह दृश्य स्कूल के पास रहने वाली एक महिला ने देखा, जो सुबह घर का कचरा फेंकने के लिए बाहर निकली थी। पेड़ पर शव लटका देख वह घबरा गई और तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को खबर दी गई।
सूचना मिलते ही कोलारस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान मोतीलाल जाटव (38) निवासी मनीपुरा, कोलारस के रूप में हुई है।
रात घर से निकला, सुबह पेड़ पर मिला शव
जानकारी के अनुसार, मोतीलाल जाटव मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह कभी मंडी में मजदूरी करता था तो कभी मकान निर्माण कार्य में हाथ बंटाता था। बताया जा रहा है कि उसका परिवार मूल रूप से शिवपुरी के नौहरी क्षेत्र से आकर मनीपुरा में रह रहा था। परिजनों और आसपास के लोगों ने बताया कि गुरुवार देर रात मोतीलाल घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। रातभर घरवाले उसके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह उसकी लाश पेड़ पर लटकी मिली हैं।
जिस मंदिर की स्थापना कराई, उसी के पीछे मिली लाश
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मृतक मोतीलाल जाटव ने करीब 10 साल पहले एक शिव मंदिर में शिव परिवार की स्थापना कराई थी। उसी मंदिर के पीछे स्थित शीशम के पेड़ पर उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।
त्रिशूल की रस्सी से फंदा लगाने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक मोतीलाल ने मंदिर में लगे त्रिशूल को बांधने वाली रस्सी से फंदा बनाया। बताया जा रहा है कि उसने पहले जलहरी को बांधने वाली रस्सी निकालने की भी कोशिश की थी, लेकिन उसमें वह सफल नहीं हो सका। शुक्रवार सुबह जब लोगों ने मंदिर परिसर को देखा तो त्रिशूल को बांधने वाली रस्सी गायब थी, जबकि जलहरी की रस्सी आधी खुली हुई मिली।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बताया जा रहा है कि मोतीलाल जाटव अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। जिस व्यक्ति ने मजदूरी कर अपने परिवार की जिंदगी को संभालने की कोशिश की, उसी का इस तरह पेड़ पर लटका मिलना पूरे क्षेत्र को झकझोर गया है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह भी हो सकती है। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
सूचना मिलते ही कोलारस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान मोतीलाल जाटव (38) निवासी मनीपुरा, कोलारस के रूप में हुई है।
रात घर से निकला, सुबह पेड़ पर मिला शव
जानकारी के अनुसार, मोतीलाल जाटव मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह कभी मंडी में मजदूरी करता था तो कभी मकान निर्माण कार्य में हाथ बंटाता था। बताया जा रहा है कि उसका परिवार मूल रूप से शिवपुरी के नौहरी क्षेत्र से आकर मनीपुरा में रह रहा था। परिजनों और आसपास के लोगों ने बताया कि गुरुवार देर रात मोतीलाल घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। रातभर घरवाले उसके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह उसकी लाश पेड़ पर लटकी मिली हैं।
जिस मंदिर की स्थापना कराई, उसी के पीछे मिली लाश
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मृतक मोतीलाल जाटव ने करीब 10 साल पहले एक शिव मंदिर में शिव परिवार की स्थापना कराई थी। उसी मंदिर के पीछे स्थित शीशम के पेड़ पर उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।
त्रिशूल की रस्सी से फंदा लगाने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक मोतीलाल ने मंदिर में लगे त्रिशूल को बांधने वाली रस्सी से फंदा बनाया। बताया जा रहा है कि उसने पहले जलहरी को बांधने वाली रस्सी निकालने की भी कोशिश की थी, लेकिन उसमें वह सफल नहीं हो सका। शुक्रवार सुबह जब लोगों ने मंदिर परिसर को देखा तो त्रिशूल को बांधने वाली रस्सी गायब थी, जबकि जलहरी की रस्सी आधी खुली हुई मिली।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बताया जा रहा है कि मोतीलाल जाटव अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। जिस व्यक्ति ने मजदूरी कर अपने परिवार की जिंदगी को संभालने की कोशिश की, उसी का इस तरह पेड़ पर लटका मिलना पूरे क्षेत्र को झकझोर गया है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह भी हो सकती है। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।