खनियाधाना। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के खनियाधाना थाना सीमा में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झांसी पुलिस से भाग रहा हत्या और डकैती का आरोपी ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। आरोपी पुलिस की घेराबंदी तोड़कर कार से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कफार गांव के पास उसकी कार पुलिया से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद उसने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। घटना के दौरान आरोपी का पीछा कर रही झांसी पुलिस की गाड़ी भी अनियंत्रित होकर नहर किनारे झाड़ियों में फंस गई। बताया जा रहा है कि पुलिस वाहन पलटने से बाल-बाल बचा, हालांकि इस दौरान वाहन को नुकसान पहुंचा।
कार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भागा आरोपी
जानकारी के अनुसार, झांसी पुलिस एक हत्या और लूट/डकैती के मामले में वांछित आरोपी का पीछा कर रही थी। आरोपी कार में सवार होकर भाग रहा था और पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार पीछा कर रही थी। इसी दौरान खनियाधाना क्षेत्र के कफार गांव के पास आरोपी की कार अचानक पुलिया से टकरा गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे बढ़ने लायक नहीं रही। ऐसे में आरोपी ने वाहन छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। स्थानीय लोगों को शुरुआत में पूरा मामला समझ नहीं आया और उन्होंने उसे बच्चा चोर होने के शक में पकड़ लिया।
जिला पंचायत सदस्य ने दिखाई सतर्कता
घटनास्थल के पास मौजूद जिला पंचायत सदस्य सियाराम लोधी ने सबसे पहले संदिग्ध गतिविधि देख आरोपी को पकड़ने में भूमिका निभाई। आरोपी के भागने के अंदाज और घबराहट को देखकर ग्रामीण भी सतर्क हो गए और उसे घेर लिया। इसी दौरान कार में मौजूद एक महिला और दो अन्य लोगों को भी ग्रामीणों ने घेर लिया, ताकि कोई भी मौके से फरार न हो सके। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के बीच आरोपी ने जताया एनकाउंटर का डर
घटना के बाद जब आरोपी ग्रामीणों की पकड़ में था, तभी कुछ देर बाद पीछा करते हुए झांसी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने ग्रामीणों के सामने अपना एनकाउंटर किए जाने का डर जताया और उनसे मदद की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ग्रामीणों से कहा कि उसे तुरंत पुलिस के हवाले न किया जाए। हालांकि, ग्रामीणों ने भी जल्दबाजी नहीं दिखाई और स्थानीय पुलिस को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि बिना स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के आरोपी को किसी के सुपुर्द नहीं किया जाएगा।
खनियाधाना पुलिस पहुंची, तब सौंपा गया आरोपी
मामले की सूचना मिलते ही खनियाधाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम को नियंत्रित किया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों को झांसी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मौके से कार और अन्य जरूरी तथ्यों की भी जांच की। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही और इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा होती रही।
दतिया जिले का रहने वाला है आरोपी
पकड़ा गया आरोपी फईम खान बताया जा रहा है, जो दतिया जिले के निचरौली गांव का निवासी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह हाल ही में हत्या के एक मामले में ग्वालियर सेंट्रल जेल से पैरोल पर बाहर आया था। इसके अलावा, वह झांसी में लूट और डकैती के कई मामलों में भी वांछित बताया जा रहा है। शनिवार को वह अपने माता-पिता और एक अन्य व्यक्ति के साथ दतिया से चंदेरी जा रहा था, तभी झांसी पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई की।
फिल्मी अंदाज में चला पीछा, गांव में मचा हड़कंप
इस पूरी घटना ने कुछ देर के लिए खनियाधाना क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पहले तेज रफ्तार में भागती कार, फिर पीछा करती पुलिस, उसके बाद कार का पुलिया से टकराना और फिर आरोपी का ग्रामीणों के बीच पकड़ा जाना-पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन जैसा नजर आया। गांव वालों की सतर्कता और सूझबूझ के कारण आरोपी भाग नहीं सका। यदि ग्रामीण समय रहते सक्रिय नहीं होते, तो आरोपी दोबारा फरार हो सकता था।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, झांसी पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई है और उससे हत्या, लूट व डकैती के मामलों में पूछताछ किए जाने की संभावना है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी घटना से जुड़े तथ्यों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच कर रही है।
कार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भागा आरोपी
जानकारी के अनुसार, झांसी पुलिस एक हत्या और लूट/डकैती के मामले में वांछित आरोपी का पीछा कर रही थी। आरोपी कार में सवार होकर भाग रहा था और पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार पीछा कर रही थी। इसी दौरान खनियाधाना क्षेत्र के कफार गांव के पास आरोपी की कार अचानक पुलिया से टकरा गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे बढ़ने लायक नहीं रही। ऐसे में आरोपी ने वाहन छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। स्थानीय लोगों को शुरुआत में पूरा मामला समझ नहीं आया और उन्होंने उसे बच्चा चोर होने के शक में पकड़ लिया।
जिला पंचायत सदस्य ने दिखाई सतर्कता
घटनास्थल के पास मौजूद जिला पंचायत सदस्य सियाराम लोधी ने सबसे पहले संदिग्ध गतिविधि देख आरोपी को पकड़ने में भूमिका निभाई। आरोपी के भागने के अंदाज और घबराहट को देखकर ग्रामीण भी सतर्क हो गए और उसे घेर लिया। इसी दौरान कार में मौजूद एक महिला और दो अन्य लोगों को भी ग्रामीणों ने घेर लिया, ताकि कोई भी मौके से फरार न हो सके। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के बीच आरोपी ने जताया एनकाउंटर का डर
घटना के बाद जब आरोपी ग्रामीणों की पकड़ में था, तभी कुछ देर बाद पीछा करते हुए झांसी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने ग्रामीणों के सामने अपना एनकाउंटर किए जाने का डर जताया और उनसे मदद की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि आरोपी ने ग्रामीणों से कहा कि उसे तुरंत पुलिस के हवाले न किया जाए। हालांकि, ग्रामीणों ने भी जल्दबाजी नहीं दिखाई और स्थानीय पुलिस को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि बिना स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के आरोपी को किसी के सुपुर्द नहीं किया जाएगा।
खनियाधाना पुलिस पहुंची, तब सौंपा गया आरोपी
मामले की सूचना मिलते ही खनियाधाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम को नियंत्रित किया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों को झांसी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मौके से कार और अन्य जरूरी तथ्यों की भी जांच की। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही और इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा होती रही।
दतिया जिले का रहने वाला है आरोपी
पकड़ा गया आरोपी फईम खान बताया जा रहा है, जो दतिया जिले के निचरौली गांव का निवासी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह हाल ही में हत्या के एक मामले में ग्वालियर सेंट्रल जेल से पैरोल पर बाहर आया था। इसके अलावा, वह झांसी में लूट और डकैती के कई मामलों में भी वांछित बताया जा रहा है। शनिवार को वह अपने माता-पिता और एक अन्य व्यक्ति के साथ दतिया से चंदेरी जा रहा था, तभी झांसी पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई की।
फिल्मी अंदाज में चला पीछा, गांव में मचा हड़कंप
इस पूरी घटना ने कुछ देर के लिए खनियाधाना क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पहले तेज रफ्तार में भागती कार, फिर पीछा करती पुलिस, उसके बाद कार का पुलिया से टकराना और फिर आरोपी का ग्रामीणों के बीच पकड़ा जाना-पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन जैसा नजर आया। गांव वालों की सतर्कता और सूझबूझ के कारण आरोपी भाग नहीं सका। यदि ग्रामीण समय रहते सक्रिय नहीं होते, तो आरोपी दोबारा फरार हो सकता था।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, झांसी पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई है और उससे हत्या, लूट व डकैती के मामलों में पूछताछ किए जाने की संभावना है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी घटना से जुड़े तथ्यों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच कर रही है।