शिवपुरी में 900 उद्यमियों का भविष्य अधर में, दिल्ली से बिगड़े सिस्टम से लोकल का व्यापारी परेशान

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) का वह पोर्टल हैं, जिसे देश में स्वरोजगार की रीढ़ माना जाता है, पिछले कई दिनों से शिवपुरी के उद्यमियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। जिले के लगभग 900 से अधिक आवेदन केवल इसलिए लंबित हैं क्योंकि केंद्र सरकार की उद्योग रजिस्ट्रेशन वेबसाइट तकनीकी खामियों के चलते घुटनों पर आ गई है।

24 मार्च से शुरू हुआ संकट का दौर
जानकारी के अनुसार, बीते 24 मार्च को पोर्टल को अपडेट किया गया था। उम्मीद थी कि अपडेट के बाद वेबसाइट और बेहतर चलेगी, लेकिन हुआ इसके उलट। अपडेट के बाद से ही साइट पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकी है। नतीजा यह है कि नए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह ठप हैं और जो प्रक्रियाएं पहले से चल रही थीं, वे भी बीच में ही अटक गई हैं।

इसलिए आवश्यक हैं यह रजिस्ट्रेशन
एक छोटा दुकानदार हो या बड़ा सर्विस सेंटर चलाने वाला उद्यमी, उद्यम रजिस्ट्रेशन के बिना उसका व्यवसाय अधूरा है। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर पर व्यापारी का बैंकों में करंट अकाउंट (चालू खाता) खुलता है,प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं के तहत लोन स्वीकृत होता है। विभिन्न सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ मिलता है।

होटल-रेस्तरां और स्टार्टअप पर सबसे ज्यादा मार
शिवपुरी जिले में इस समय होटल और रेस्तरां कारोबार का सीजन है, लेकिन कई नए प्रतिष्ठान केवल इसलिए शुरू नहीं हो पा रहे क्योंकि उनके पास उद्यम सर्टिफिकेट नहीं है। फूड स्टॉल चलाने वाले राज चतुर्वेदी और स्टार्टअप की तैयारी कर रहे गणेश चावला जैसे युवा पिछले तीन दिनों से कंप्यूटर सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार सर्वर डाउन होने की सूचना देकर वापस भेज दिया जाता है।

जिम्मेदारों बोले हमारे हाथ में कुछ नहीं
इस गंभीर समस्या पर जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अरविंद महेश्वरी का कहना है कि यह पोर्टल दिल्ली स्थित मंत्रालय से संचालित होता है। तकनीकी समस्या की सूचना मंत्रालय तक पहुंच चुकी है। स्थानीय स्तर पर विभाग केवल इंतजार कर सकता है। हालांकि उन्होंने संभावना जताई है कि अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है, लेकिन जब तक पोर्टल चालू नहीं होता, शिवपुरी के व्यापारियों पर आर्थिक नुकसान और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

शिवपुरी समाचार का निष्कर्ष
एक तरफ सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की बात करती है, वहीं दूसरी ओर दिनों-दिन पोर्टल का बंद रहना युवाओं के उत्साह को कम कर रहा है। शिवपुरी के व्यापारियों की मांग है कि इस तकनीकी खराबी का तत्काल स्थायी समाधान किया जाए ताकि रुके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से पटरी पर लौट सकें।