शिवपुरी। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में इस बार आवासीय क्षेत्र में शराब दुकान खोले जाने का मुद्दा सबसे प्रमुख बनकर सामने आया। इसके अलावा ग्राम सेमरी में सार्वजनिक हैंडपंप को सरपंच द्वारा निजी जमीन में लगवाने, विवाहिता से मारपीट, और दहेज प्रताड़ना जैसे गंभीर मामलों ने भी प्रशासन का ध्यान खींचा।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और त्वरित कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
घर से सटकर शराब दुकान खोलने का विरोध, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर जताई चिंता
जनसुनवाई में वार्ड-11, थाना कोतवाली क्षेत्र के रहवासी मीना राय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने फतेहपुर चौराहा के पास आवासीय इलाके में खोली जा रही शराब दुकान का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
रहवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोली जा रही है, वह घर, परिवार और बच्चों के बीच का क्षेत्र है। यदि वहां शराब की बिक्री शुरू हुई तो इलाके का सामाजिक और पारिवारिक वातावरण खराब हो जाएगा। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि दुकान खुलने के बाद वहां नशेड़ी, असामाजिक तत्व और विवाद करने वाले लोग जुटने लगेंगे, जिससे क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
रहवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस शराब दुकान को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि आवासीय क्षेत्र में इस प्रकार की दुकान खोलना स्थानीय लोगों की भावनाओं और सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है।
सेमरी में सार्वजनिक हैंडपंप को निजी जमीन में लगवाने का आरोप
इसी जनसुनवाई में ग्राम सेमरी से पहुंचे ग्रामीणों ने गांव की सरपंच कृष्णा गुर्जर (पत्नी रविंद्र गुर्जर) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक निधि से स्वीकृत हैंडपंप, जिसे गांव के सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाया जाना था, उसे सरपंच ने अपनी निजी जमीन पर लगवा लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस हैंडपंप का लाभ गांव के जाटव और आदिवासी मोहल्ले के लोगों को मिलना था, लेकिन निजी भूमि पर लगने के कारण जरूरतमंद परिवारों को आज भी दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
उन्होंने इसे जनहित की योजना का दुरुपयोग बताते हुए निष्पक्ष जांच और हैंडपंप को सार्वजनिक स्थल पर स्थानांतरित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे समय में पेयजल की समस्या और गंभीर हो जाती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो गांव में पानी को लेकर संकट और गहरा सकता है।
बेटी से बेरहमी से मारपीट का आरोप, कार्रवाई न होने पर पिता पहुंचे जनसुनवाई
ख्यावदा निवासी बहादुर परिहार ने जनसुनवाई में अपनी बेटी मिथलेश परिहार के साथ हुई कथित गंभीर मारपीट का मामला उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के पति चरत परिहार, सास कमला परिहार और ससुर चंदन परिहार ने नशे की हालत में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
बहादुर परिहार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
दहेज प्रताड़ना और मारपीट से परेशान महिला ने लगाई न्याय की गुहार
जनसुनवाई में शिवपुरी निवासी एकता खत्री ने भी अपने पति विकास खत्री के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने की शिकायत दर्ज कराई। एकता खत्री ने अधिकारियों को बताया कि पति द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के कारण वह अपने बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पास भरण-पोषण का कोई स्थायी साधन नहीं है और आर्थिक, मानसिक तथा शारीरिक प्रताड़ना के कारण उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है। महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उसे कानूनी संरक्षण, न्याय और भरण-पोषण दिलाया जाए, ताकि वह अपने बच्चों के साथ सम्मान पूर्वक जीवन जी सके।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और त्वरित कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
घर से सटकर शराब दुकान खोलने का विरोध, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर जताई चिंता
जनसुनवाई में वार्ड-11, थाना कोतवाली क्षेत्र के रहवासी मीना राय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने फतेहपुर चौराहा के पास आवासीय इलाके में खोली जा रही शराब दुकान का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
रहवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोली जा रही है, वह घर, परिवार और बच्चों के बीच का क्षेत्र है। यदि वहां शराब की बिक्री शुरू हुई तो इलाके का सामाजिक और पारिवारिक वातावरण खराब हो जाएगा। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि दुकान खुलने के बाद वहां नशेड़ी, असामाजिक तत्व और विवाद करने वाले लोग जुटने लगेंगे, जिससे क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
रहवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस शराब दुकान को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि आवासीय क्षेत्र में इस प्रकार की दुकान खोलना स्थानीय लोगों की भावनाओं और सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है।
सेमरी में सार्वजनिक हैंडपंप को निजी जमीन में लगवाने का आरोप
इसी जनसुनवाई में ग्राम सेमरी से पहुंचे ग्रामीणों ने गांव की सरपंच कृष्णा गुर्जर (पत्नी रविंद्र गुर्जर) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक निधि से स्वीकृत हैंडपंप, जिसे गांव के सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाया जाना था, उसे सरपंच ने अपनी निजी जमीन पर लगवा लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस हैंडपंप का लाभ गांव के जाटव और आदिवासी मोहल्ले के लोगों को मिलना था, लेकिन निजी भूमि पर लगने के कारण जरूरतमंद परिवारों को आज भी दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
उन्होंने इसे जनहित की योजना का दुरुपयोग बताते हुए निष्पक्ष जांच और हैंडपंप को सार्वजनिक स्थल पर स्थानांतरित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे समय में पेयजल की समस्या और गंभीर हो जाती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो गांव में पानी को लेकर संकट और गहरा सकता है।
बेटी से बेरहमी से मारपीट का आरोप, कार्रवाई न होने पर पिता पहुंचे जनसुनवाई
ख्यावदा निवासी बहादुर परिहार ने जनसुनवाई में अपनी बेटी मिथलेश परिहार के साथ हुई कथित गंभीर मारपीट का मामला उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के पति चरत परिहार, सास कमला परिहार और ससुर चंदन परिहार ने नशे की हालत में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
बहादुर परिहार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
दहेज प्रताड़ना और मारपीट से परेशान महिला ने लगाई न्याय की गुहार
जनसुनवाई में शिवपुरी निवासी एकता खत्री ने भी अपने पति विकास खत्री के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने की शिकायत दर्ज कराई। एकता खत्री ने अधिकारियों को बताया कि पति द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के कारण वह अपने बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पास भरण-पोषण का कोई स्थायी साधन नहीं है और आर्थिक, मानसिक तथा शारीरिक प्रताड़ना के कारण उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है। महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उसे कानूनी संरक्षण, न्याय और भरण-पोषण दिलाया जाए, ताकि वह अपने बच्चों के साथ सम्मान पूर्वक जीवन जी सके।