शिवपुरी। शिवपुरी शहर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आज कुछ ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत सुहारा के मेहदावली ठेव और गिरमोरा के सरपंच, सचिव ने पंचायत में भ्रष्टाचार कर रहे हैं,यहां तक की सरपंच ने नल जल योजना की 3 मोटरों को निकालकर अपने यूज में ले लिया हैं तथा गांव से समस्त ग्रामीणों ने इस संबंध में पीएचई विभाग में इसकी शिकायत की,लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई हैं,हम ग्रामीण ऐसी भरी गर्मी में पानी के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं, चेक डेम के भी सरपंच ने पैसे हड़प लिए हैं ऐसे कई भ्रष्टाचार सरपंच ने ग्राम पंचायत में किये हैं। सरपंच के खिलाफ कार्यवाही करनी अति आवश्यक हैं।
गोचर भूमि और तलैया पर अवैध कब्जा
जानकारी के अनुसार ग्रामीण अरविंद धाकड़ ग्राम पंचायत सुहारा ने बताया कि मेहदावली में शासकीय गोचर भूमि सर्वे नं. 151/2 और सरकारी तलैया पर सरपंच के पति जय सिंह धाकड़ और देवर रिंकू धाकड़ ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। आरोपी तलैया से निजी मोटर लगाकर पानी चोरी कर रहे हैं और गोचर भूमि पर कृषि कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने मवेशियों को चरने और पानी पीने से भी रोक दिया है। विरोध करने पर ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी दी जाती है।
बिना निर्माण के आहरित की लाखों की राशि
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि हरिओम धाकड़ और सूरज धाकड़ के खेत के पास दो चेक डैम के नाम पर 26 लाख रुपये आहरित किए गए, लेकिन मौके पर कोई निर्माण नहीं हुआ। वहीं ग्राम ठेव में जगराम धाकड़ के खेत के पास रपटा निर्माण के 9 लाख रुपये निकाल लिए गए, पर काम गायब है तथा ग्राम गिरमोरा में बलराम आदिवासी के घर से अरुण आदिवासी के घर तक रोड निर्माण की 2.27 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई, लेकिन सड़क नहीं बनी।
खनिज विभाग से मिलीभगत और अवैध उत्खनन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उपयंत्री से मिलकर डग पॉन्ड तालाब स्वीकृत कराए गए और खनिज विभाग की मिलीभगत से करीब 45 लाख रुपये की मुरम शिवपुरी में बेच दी गई। इसके साथ ही तालाब निर्माण की राशि लगभग 7.70 लाख रुपये भी मिलीभगत कर निकाल ली गई।
सरपंच-हप्ता देता हूं सभी अधिकारियों को
ग्रामीणों ने बताया कि वे पूर्व में तहसीलदार को भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सरपंच की ऊंची पहुंच के कारण अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सरपंच खुलेआम कहता है कि वह सबको कमीशन देता है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे करोड़ों के घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और शासकीय भूमि को माफियाओं से मुक्त कराया जाए।
गोचर भूमि और तलैया पर अवैध कब्जा
जानकारी के अनुसार ग्रामीण अरविंद धाकड़ ग्राम पंचायत सुहारा ने बताया कि मेहदावली में शासकीय गोचर भूमि सर्वे नं. 151/2 और सरकारी तलैया पर सरपंच के पति जय सिंह धाकड़ और देवर रिंकू धाकड़ ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। आरोपी तलैया से निजी मोटर लगाकर पानी चोरी कर रहे हैं और गोचर भूमि पर कृषि कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने मवेशियों को चरने और पानी पीने से भी रोक दिया है। विरोध करने पर ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी दी जाती है।
बिना निर्माण के आहरित की लाखों की राशि
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि हरिओम धाकड़ और सूरज धाकड़ के खेत के पास दो चेक डैम के नाम पर 26 लाख रुपये आहरित किए गए, लेकिन मौके पर कोई निर्माण नहीं हुआ। वहीं ग्राम ठेव में जगराम धाकड़ के खेत के पास रपटा निर्माण के 9 लाख रुपये निकाल लिए गए, पर काम गायब है तथा ग्राम गिरमोरा में बलराम आदिवासी के घर से अरुण आदिवासी के घर तक रोड निर्माण की 2.27 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई, लेकिन सड़क नहीं बनी।
खनिज विभाग से मिलीभगत और अवैध उत्खनन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उपयंत्री से मिलकर डग पॉन्ड तालाब स्वीकृत कराए गए और खनिज विभाग की मिलीभगत से करीब 45 लाख रुपये की मुरम शिवपुरी में बेच दी गई। इसके साथ ही तालाब निर्माण की राशि लगभग 7.70 लाख रुपये भी मिलीभगत कर निकाल ली गई।
सरपंच-हप्ता देता हूं सभी अधिकारियों को
ग्रामीणों ने बताया कि वे पूर्व में तहसीलदार को भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सरपंच की ऊंची पहुंच के कारण अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सरपंच खुलेआम कहता है कि वह सबको कमीशन देता है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे करोड़ों के घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और शासकीय भूमि को माफियाओं से मुक्त कराया जाए।