Shivpuri के बैराड़ में शिक्षा का दोहरा खेल: सरकारी शिक्षक चला रहे दो-दो प्राइवेट स्कूल

बैराड़। नगर परिषद बैराड़ के शासकीय हाईस्कूल में पदस्थ शिक्षक एवं जनशिक्षक (CAC) अजय पांडेय पर शिक्षा के व्यवसायीकरण और शासकीय सेवा के नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पुख्ता सबूतों के साथ एक ज्ञापन सौंपकर उक्त शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सेवा से निष्कासित करने की मांग की है।

सरकारी वेतन और निजी स्कूलों का प्रचार: 

फेसबुक बना गवाह विद्यार्थी परिषद द्वारा सौंपे गए सबूतों के अनुसार, अजय पांडेय शासकीय शिक्षक होने के बावजूद बैराड़ में 'जीनियस वर्ल्ड स्कूल' और 'यूनिक पब्लिक स्कूल' नामक दो निजी शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रहे हैं। हालांकि, कागजों पर ये स्कूल उनकी पत्नी और भतीजे के नाम दर्ज हैं, लेकिन इनका पूरा प्रबंधन और प्रचार अजय पांडेय स्वयं करते हैं।

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि शिक्षक पांडेय कई वर्षों से सोशल मीडिया (फेसबुक) पर अपने इन निजी स्कूलों का धड़ल्ले से प्रचार कर रहे हैं। उनकी फेसबुक प्रोफाइल की कवर फोटो में भी 'जीनियस वर्ल्ड स्कूल' का विज्ञापन लगा हुआ है।

शिक्षा के गिरते स्तर पर उठे सवाल ABVP ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक सरकारी शिक्षक का यह कृत्य पूरी शिक्षा प्रणाली और कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। संगठन का आरोप है कि आज सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बिगड़ने का मुख्य कारण ऐसे ही लोग हैं, जो सरकारी खजाने से वेतन तो लेते हैं लेकिन उनकी पूरी निष्ठा अपने निजी व्यापार (शिक्षा की बिक्री) में होती है। सवाल यह भी उठता है कि क्या विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से किया जा रहा यह उल्लंघन वर्षों से दिखाई नहीं दिया।

जांच टीम गठित करने की मांग विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि न केवल शिक्षक अजय पांडेय को निलंबित किया जाए, बल्कि एक विशेष टीम गठित कर 'जीनियस वर्ल्ड स्कूल' और 'यूनिक पब्लिक स्कूल' की मान्यताओं और मापदंडों की भी सूक्ष्म जांच की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।