Shivpuri मड़ीखेड़ा योजना का अपडेट: इंटेकवेल का काम पूरा, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा ट्रायल

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जिले के ग्रामीण अंचलों में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव और सीईओ जिला पंचायत विजय राज सहित पीएचई विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।

गुणवत्ता और समय सीमा पर विशेष जोर
कलेक्टर श्री चौधरी ने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि धरातल पर कार्य की गति बढ़ाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पानी की किल्लत अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर हैंडपंपों की मांग भेजी जाए और पुरानी नल-जल योजनाओं को बिजली या अन्य तकनीकी कारणों से रुकने न दिया जाए।
बैठक में जल निगम के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण अपडेट देते हुए बताया कि मड़ीखेड़ा समूह जल प्रदाय योजना के तहत इंटेकवेल का जटिल कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में पानी ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया है और जल्द ही इसकी टेस्टिंग शुरू की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि टेस्टिंग के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसी तरह, महुअर समूह योजना का 75% कार्य पूर्ण हो चुका है और मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

मिशन का लक्ष्य: 1262 में से 536 योजनाएं पूर्ण
पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जिले में स्वीकृत कुल 1262 योजनाओं में से 536 योजनाओं का भौतिक कार्य पूर्ण कर लिया गया है और ग्राउंड वाटर के माध्यम से आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, जिले के 59 चिह्नित गांवों में 15 फरवरी तक पूरी तरह से जल पहुंचाने की समय सीमा तय की गई है।

समन्वय से होगा पेयजल संकट का समाधान
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सड़क खुदाई के बाद उसकी मरम्मत और बिजली कनेक्शन जैसे मुद्दों पर विभाग एक-दूसरे का सहयोग करें ताकि आम जनता को गर्मी के मौसम से पहले राहत मिल सके।