Shivpuri की जादूगर पुलिस, शराब की जगह ड्रमो में निकला गंगाजल, ASI फरार, वारंट जारी

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शिवपुरी। सतनवाड़ा थाना परिसर से पुलिस अभिरक्षा में रखी गई 2020 लीटर अवैध शराब के चोरी होने और उसकी जगह ड्रमों में पानी भर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह शराब एक तस्कर से जब्त की गई थी जो अब गायब है।इस मामले में  शिवपुरी बार काउंसिल के अध्यक्ष एडवोकेट विजय तिवारी द्वारा आईजी को एक पत्र लिखा हैं।

क्या है पूरा मामला
27 मार्च 2024 को सहायक उप निरीक्षक (ASI) सत्येंद्र सिंह भदौरिया ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली से 2020 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की थी। आरोपी शिवसिंह मोगिया के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया गया। नियमों के मुताबिक, जब्त शराब को सीलबंद कर मालखाने में रखा जाना चाहिए था, लेकिन ASI भदौरिया ने लापरवाही बरतते हुए इन 10 टंकियों को थाने के खुले मैदान में ही छोड़ दिया।

रिकॉर्ड में हेराफेरी और चोरी का शक
बार काउंसिल के अध्यक्ष एडवोकेट विजय तिवारी द्वारा आईजी को लिखे गए पत्र के अनुसार, जब्ती के समय दस्तावेजों में दो केन दर्ज की गई थीं, लेकिन थाना प्रभारी की बाद की रिपोर्ट में केवल एक ही केन का जिक्र मिला। आरोप है कि थाने के भीतर से ही शराब चोरी कर ली गई और साक्ष्य मिटाने के लिए उन ड्रमों में पानी भर दिया गया।

न्यायालय की अवहेलना और फरार ASI
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि कार्रवाई करने वाले ASI सतेंद्र सिंह भदौरिया पिछले 10 महीनों से न्यायालय से बच रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें जब्त शराब के साथ गवाही के लिए तलब किया था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद न्यायालय ने 30 अप्रैल 2025 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, फिर भी पुलिस विभाग अपने ही कर्मचारी को कोर्ट में पेश करने में नाकाम रहा है।

आईजी से सख्त कार्रवाई की मांग
बार काउंसिल के अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण को न्याय प्रणाली और पुलिस की साख पर धब्बा बताया है। उन्होंने ग्वालियर आईजी को पत्र लिखकर मांग की है कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने वाले और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।