ललित मुदगल @ एक्सरे शिवपुरी। शिवपुरी शहर की लाइफ बन चकी सिंध जलावर्धन योजना के तहत बनाए गए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सतनवाड़ा की तीन में से दो मोटरें एक साथ बंद पड़ गईं, और इसका सीधा असर शहर की टंकियों, संपवेल और घर-घर होने वाली जल सप्लाई पर पड़ा। काफी मशक्कत के बाद 27 मार्च को एक मोटर की बेयरिंग ठीक कर उसे दोबारा चालू किया गया, जिससे अब दो मोटरों के सहारे टंकियां भरी जा रही हैं,मोटरो के गणित से पहले आपको शहर के पेयजल के आडिड पर ले चलते हैं।
आंकड़ों की माने तो शिवपुरी शहर मे निवास करने वाले लोगों को प्रतिदिन अपनी दैनिक आवश्यकता की पूति के लिए 40 MLD पानी की आवश्यकता है। इस इस ऑडिट को समझने के लिए इस भाषा का सरलीकरण करते है। 1 MLD का मानक 10 लाख लीटर होता है और इस प्रकार 10 MLD मे 1 करोड लीटर पानी प्रतिदिन होता है। इस प्रकार से शिवपुरी शहर को 40 एमएलडी पानी की आवश्यकता प्रतिदिन होती है,इसलिए शिवपुरी शहर मे निवास करने वाले लोग प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर पानी का उपयोग अपनी दैनिक आपूर्ति के लिए प्रतिदिन करते है।
कहा से आता है प्रतिदिन 4 करोड लीटर पानी,इसलिए लाइफ लाइन
शिवपुरी शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए सिंध जलावर्धन योजना से प्रतिदिन 35 से 40 लीटर MLD पानी प्रतिदिन सप्लाई होता है। वही बाणगंगा फिल्टर प्लांट से 5 MLD सप्लाई होती है। शहर में 494 बोरवेल अभी जिंदा है। यह बोरवेल 10 MLD पानी प्रतिदिन उगलते है। सप्लाई की व्यवस्था के शिवपुरी शहर में 18 ओवरहैड टैंक ( पानी की टंकी ) है और 9 संपवेल है। शहर में 25 हजार के लगभग वैध कनेक्शन है,और 5 से लेकर 10 हजार कनेक्शन अवैध चल रहे है।
इस डाटा का सार निकाले तो सिंध जलावर्धन योजना ही प्रतिदिन शिवपुरी शहर की प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त है। अगर सिंध की जलावर्धन योजना में रुकावट आती है तो शहर में 25 करोड़ लीटर पानी की कमी आ जाती है इस कारण शहर में सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई मे रुकावट आने के कारण हाहाकार मचने लगता है। इसलिए सिंध जलावर्धन योजना को शिवपुरी की लाइफ लाइन कहा जाता है।
इंटेकवेल पर भी तीसरी मोटर खराब
मड़ीखेड़ा बांध के इंटेकवेल पर पांच मोटरें हैं। इनमें दो मोटरें अंदर और तीन मोटरें ऊपर लगी हैं। एक वैकल्पिक मोटर खराब है। उसे रिपेयरिंग के लिए नगर पालिका द्वारा भेजा गया है। ऐसे में यदि एक और मोटर खराब हो जाए तो पानी सप्लाई पर असर पड़ना लाजमी है।
इधर नगर पालिका ने स्वयं की मोटर रिपेयर
सतनवाड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सतनवाड़ा की तीन में से दो मोटरें एक साथ खराब हो गई थीं। टंकियां और संपवेल नहीं भर पाने के कारण घर-घर पानी की नियमित सप्लाई प्रभावित हो गई। हालांकि राहत मिलेगी। अब एक मोटर ठीक हो गई है। इससे दो मोटरों से टंकियां भरना शुरू कर दिया है। इससे लोगों को राहत मिलना शुरू हो गई हैं।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (फिल्टर प्लांट) सतनवाड़ा और मड़ीखेड़ा इंटेकवेल की मोटर रिपेयरिंग का ठेका राजेश्वरी नागेश्वरी इन्फ्रा के पास था। ठेका खत्म होने के बाद ठेकेदार को एक्सटेंशन दे दिया गया था। लेकिन ठेकेदार ने मोटर रिपेयरिंग से हाथ खड़े कर दिए। हालात यह बने कि फिल्टर प्लांट की तीन में से दो मोटरें एक साथ खराब हो गई। नगर पालिका ने खुद ही मशक्कत शुरू की।
एक मोटर की बेयरिंग 27 मार्च को ठीक कराकर चालू कर दी गई है। इससे दो मोटरें चालू कर शहर की टंकियां भरी जा रही हैं। हालांकि तीसरी मोटर अभी खराब है। उसकी रिपेयरिंग जारी है। दो मोटरों से सप्लाई के दौरान यदि एक मोटर खराब होती है तो वैकल्पिक तौर पर तीसरी मोटर उपयोग में लाई जाती है।
अब 5 साल के लिए 2 करोड़ का नया ऑपरेशन और मेंटेनेंस प्लान
इस संकट के बीच नगर पालिका अब दीर्घकालिक समाधान की तैयारी में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, फिल्टर प्लांट और इंटेकवेल की सप्लाई व्यवस्था, मोटर रिपेयरिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस का 5 साल का ठेका देने की तैयारी की जा रही है।