Shivpuri के संजीव फौजी ने किया 330 KM दौडते हुए अपना संकल्प पूर्ण, पढिए 54 घंटे का सफर

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा के बलैहरा गांव के निवासी संजीव यादव फौजी ने मथुरा जन्मभूमि की यात्रा दौडते हुए 54 घंटे में पूर्ण की है,यह यात्रा 330 किलोमीटर की थी। संजीव यादव अपनी मन्नत पूरी होने के बाद यह धार्मिक यात्रा की है। संजीव का इस यात्रा को पूर्ण करने का टारगेट 48 घंटे रखा था लेकिन रात के कोहरे और पैरो की छालो ने दौड़ने की रफ्तार को कम दिया इसलिए यह यात्रा 6 घंटे अपने टारगेट समय से अधिक में पूर्ण हुई है। संजीव ने बताया कि घर से पहला कदम रखते ही मुझे पूर्ण विश्वास था कि मेरा संकल्प गिर्राजधरण पूर्ण कराऐगें,क्यो कि उससे पहले उन्होने मेरी मन्नत पूर्ण की थी।

शिवपुरी कोलारस अनुविभाग के तेंदुआ थाना सीमा में आने वाले बलेहरा गांव के रहने वाले संजीव यादव उम्र 26 साल से शिवपुरी समाचार डॉट कॉम से बातचीत करते हुए कहा 16 जनवरी की सुबह 8 बजे अपने गांव से निकला था। मेरा संकल्प था कि मेरी नौकरी लगने के बाद में मथुरा जन्मभूमि की यात्रा अपने घर से दौडते हुए करूंगा,और 18 जनवरी को सुबह 10 बजे मथुरा जन्मभूमि पर पहुंच गया था।  

संजीव ने बताया कि श्री गिरिराज जी महाराज के प्रति मेरी अटूट आस्था बचपन से रही है,मे अपने दोस्तो के साथ परिक्रमा कर रहा था उसी समय मैंने संकल्प लिया था कि मेरी नौकरी लगते ही में गिर्राजी दौड कर अपने गांव से आउंगा। इसके बाद   वर्ष 2020 में संजीव का चयन भारतीय सेना में हुआ, इसके बाद प्रशिक्षण पूर्ण कर उनकी पोस्टिंग जम्मू के उधमपुर में की गई,वर्तमान में संजीव यादव की पोस्टिंग उधमपुर ही हैं।

एलओसी पर निभाई देश सेवा
सेना की जिम्मेदारियों के चलते संजीव अपनी मन्नत तुरंत पूरी नहीं कर सके। वे ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाक तनाव के दौरान एलओसी पर तैनात रहे और पूरी निष्ठा के साथ देश सेवा करते रहे। लंबे समय बाद छुट्टी मिलने पर उन्होंने अपनी अधूरी आस्था को पूर्ण करने का निर्णय लिया।

गांव से शुरू की 330 किमी की दौड़ यात्रा
10 जनवरी को छुट्टी लेकर गांव पहुंचे संजीव यादव ने शुक्रवार को बलैहरा गांव से गोवर्धन गिरिराज जी के लिए दौड़ यात्रा शुरू की,इस यात्रा में संजीव के बडे भाई भूपेन्द्र यादव और गांव के दोस्त सौरभ त्यागी त्यागी,अरुण झारी,लाल कृष्ण यादव साथ में थे। संजीव के साथ इस यात्रा में गए  सौरभ त्यागी
 ने बताया कि हम एक कार से संजीव को फॉलो कर रहे थे और हम चारों में एक-एक दोस्त क्रमशः ने उसके साथ दौड़ रहा था। सजीव फौजी केवल दैनिक नित्य क्रिया और भोजन के लिए रूका था,रात के समय संजीव पर हम में से साथ मे दौड़ कर एक व्यक्ति टार्च जलाकर दौड़ रहा था,जिससे किसी दुर्घटना से बचा जा सके। यह यात्रा पूरी सड़क मार्ग से पूरी की है।

24 घंटे में मुरैना को क्रॉस किया था
संजीव ने बताया कि 24 घंटे में मुरैना को क्रॉस कर लिया था। यह यात्रा 54 घंटे में पूर्ण हुई है। संजीव ने बताया के दौड के दौरान मेरे छाले और फोले पड गए थे,इसलिए रफ्तार धीमी हुई थी। रात की कोहरे भी इस यात्रा की गति को मंद किया है। इस यात्रा की तैयारी सजीवं ने एक माह पूर्ण शुरू कर ली थी वह अपनी ड्यूटी समय के बाद बचे समय में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिदिन दौड़ लगा रहे थे। सजीव ने यह यात्रा 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ कर पूर्ण की है।