शिवपुरी: 4 माह के मृत भ्रूण को 4 दिन में नहीं निकाला,विवाद-एक का सिर फटा, पढ़िए खबर

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी जिला अस्पताल से एक चौकाने वाली खबर मिल रही है,कि अपने मृत भ्रूण को निकलवाने आई एक प्रसूता की बुआ के साथ नर्स और महिला गार्ड ने मिलकर उसकी मारपीट कर दी,इस घटना में प्रसूता की बुआ का सिर फट गया और उसके सिर से खून निकल आया। यह घटना सिद्ध करती है कि जिला अस्पताल में मरीजों का सुविधाओं के नाम पर केवल दर्द दिया जा रहा है। मरीजों की सुनवाई नहीं होती और परिजन उसका विरोध करते है तो उनके साथ मारपीट कर दी जाती है। इस मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने एफआईआर ना काटते हुए एनसीआर काट कर पीड़िता के हाथ में थमा दी,जिससे पीडिता को एक ओर दर्द मिल गया चलिए अब मूल खबर की ओर चलते हैं।

शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा के बैराड़ थाना सीमा में आने वाले गांव बैराडी निवासी पूजा जाटव पत्नी बलवीर जाटव को जिला अस्पताल में 3 दिन पूर्व भर्ती कराया था। पूजा को 4 माह का गर्भ था और वह बच्चा पेट में ही मृत हो गया था। जिसे निकालने की प्रक्रिया चल रही थी। पूजा के साथ जिला अस्पताल में भगवती पत्नी रामपाल जाटव उम्र 34 साल ग्राम ढेर थाना मोहना जिला ग्वालियर भी आई थी। आज सुबह लगभग 7.30 बजे पूजा की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। भगवती ने ड्यूटी नर्स से बोल की पूजा की तबीयत खराब हो रही है उसे देख लो।  

नर्स ने भगवती से कहा कि उसे पानी पिला दो,भगवती ने कहा की उसे काफी पानी पिला दिया है आराम नहीं मिल रहा है। भगवती का कहना है कि  मेरा दामाद बलवीर भतीजी पूजा से बाहर घुमाने की बात कर रहे थे तो गार्ड निरजा परिहार बोली कि रजिस्टर पर साइन कर जाओ और चले जाओ तो मैंने कहा कि हम कहीं नहीं जा रहे हैं, हमारी बच्ची को आराम मिल जायेगा तभी जायेंगे। तो निरजा परिहार मेरी भाभी रानी से मुंह बाद कर गाली गलौज करने लगी और निरजा परिहार ने भाभी रानी के दाहिने तरफ के गाल में चांटा मार दिया।

मैंने बीच बचाव किया तो निरजा परिहार ने हाथ में लिये मोबाइल मेरे माथे में मार दिया जिससे मेरी बाये आँख की भौंह के ऊपर चोट होकर खून निकल आया। मौके पर छोटी बहन रामो जाटव व बलवीर जाटव मौजूद थे जिन्होंने घटना देखी है बीच बचाव किया था। महिला गार्ड को सामने आने पर मैं पहचान लूंगी। मुझे चोट होने से व दर्द होने में अपना इलाज कराने सरकारी अस्पताल शिवपुरी चली गई थी

एंट्री पास सिस्टम भी बना विवाद की वजह
परिजनों ने बताया कि अस्पताल में लागू एंट्री पास सिस्टम भी विवाद का कारण बना। परिजनों के अनुसार, चार दिनों में उन्हें बार-बार नए पास बनवाने पड़े, जिस पर करीब 400 रुपये खर्च हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि पास व्यवस्था देखने वाले कर्मचारियों ने भी मारपीट की। पुलिस ने घायल महिला का मेडिकल परीक्षण कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं।

इनका कहना हैं
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव ने बताया कि महिला मरीज को 21 जनवरी की शाम 5:19 बजे भर्ती किया गया था। जांच में चार माह के बच्चे की धड़कन नहीं मिली थी और भ्रूण मृत था। ऐसे मामलों में मृत भ्रूण को बाहर निकालने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाती है, जिसमें पहले सामान्य प्रक्रिया अपनाई जाती है और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की जाती है।

उन्होंने बताया कि परिजन जल्दबाजी में अपनी शर्तों पर इलाज कराने की मांग कर रहे थे और एंट्री पास सिस्टम को लेकर भी विवाद हुआ। दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।