नेशनल लोक अदालत में टूटे हुए 6 जोड़ों के रिश्तो का पुन:गठबंधन,पढ़िए खबर

शिवपुरी। शिवपुरी में आयोजित नेशनल लोक अदालत एक बार फिर रिश्तों को जोड़ने का माध्यम बनी। प्रधान न्यायाधीश की समझाइश और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से छह ऐसे दंपतियों ने अपने वैवाहिक विवाद सुलझा लिए, जो वर्षों से अलग रह रहे थे। इन जोड़ों ने न्यायिक दीपकों (न्यायमूर्ति) के समक्ष एक-दूसरे को माला पहनाई और खुशी-खुशी अपने घर वापस लौटे।

रिश्तों की डोर हुई मजबूत
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और अपर जिला न्यायाधीश, श्रीमती डा. रचना जैन ने जानकारी दी कि कई ऐसे मामले आए, जिनमें पति-पत्नी सिर्फ एक गलतफहमी या किसी बात को पकड़कर अलग रह रहे थे। एक मामले में पति सिर्फ इसलिए घर छोड़ कर चला गया था, क्योंकि पत्नी द्वारा उसकी माताजी को बार-बार मायके जाने के लिए टोका जाता था।

एक अन्य मामले में पत्नी मायके से वापस नहीं आ रही थी, जिसके कारण पति ने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया था। प्रधान न्यायाधीश ने जब इन जोड़ों को बुलाया और दोनों पक्षों की समस्याओं को समझा, तो मामूली से विवादों और पारिवारिक कारणों से अलग हुए इन जोड़ों ने समझौते से वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करने का फैसला किया।

विद्युत कंपनी के लाखों के प्रकरणों का निपटारा
लोक अदालत में बिजली चोरी के मामलों का भी बड़ी संख्या में निपटारा हुआ। इनमें मेघराज रघुवंशी निवासी विजासनी शिवपुरी के खिलाफ दर्ज ₹2 लाख का प्रकरण, जिसमें उन्होंने बकाया राशि जमा कर समझौता किया, और बृजभान रघुवंशी का ₹6 लाख का प्रकरण शामिल था। विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों ने 1143 प्रकरणों का निराकरण किया, जिनमें कुल ₹93 लाख 686 रुपये की वसूली के नोटिस जारी थे।

नेशनल लोक अदालत की उपलब्धियां
वर्ष 1980 से शुरू हुई नेशनल लोक अदालत ने 33 जिलों की 1980 अदालतों में अपना आयोजन किया। इस दौरान, 837 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त, कुल 1143 प्री लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) प्रकरणों का निराकरण किया गया, जो विभिन्न विभागों से संबंधित थे।

अदालत में 6 करोड़ 65 लाख 15 हजार 476 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। करीब 5 करोड़ 83 लाख 2 हजार 293 रुपये विभिन्न प्रकरणों में वसूल किए गए। जिला न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद जोगावत ने सभी पक्षकारों से वाद-विवाद छोड़कर खुशी-खुशी घर लौटने का आग्रह किया।

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