SHIVPURI NEWS - सिद्ध क्षेत्र बाकडे हनुमान मंदिर पर आज पहुंचेगा 1 लाख भक्त,ट्रैफिक की दिशा बदली,पढिए

Bhopal Samachar

शिवपुरी। ग्वालियर चंबल संभाग का सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर श्री सिद्ध क्षेत्र बाकडे हनुमान मंदिर पर हनुमान जयंती का उत्सव शुरू हो चुका है,आज सुबह 5 बजे आरती के साथ ही श्रद्धालुओं ने दर्शन शुरू कर दिए। बाकडे हनुमान मंदिर पर आज एक लाख से अधिक भक्त पहुंचने की उम्मीद है इस कारण शिवपुरी के यातायात को ट्रैफिक का रूट बदलना पडता है।

शिवपुरी शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर माधव  नेशनल पार्क के सीमा से सटा हुए बांकडे हनुमान मंदिर पर साल भर प्रत्येक मंगलवार को 10 हजार से अधिक भक्त पैदल पहुंचते है,शायद यह ग्वालियर चंबल संभाग का पहला हनुमान मंदिर होगा जिस पर इतनी दूर जंगल में पैदल भक्त पहुंचते है।
आज हनुमान जयंती है इस कारण 1 लाख से अधिक भक्त आज दर्शन करने पहुंचते है इसलिए कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो इस कारण मंदिर प्रबंधन ने पूरी व्यवस्था की है। मंदिर तक केवल टू व्हीलर ही पहुंचेगी जिसकी पार्किंग के लिए अलग से स्थान बनाया गया है वही मंदिर से वापस आने के लिए कोटा भगोरा वाला मार्ग से व्यवस्था की है,वही ऑटो और फोर व्हीलर को झांसी रोड पर ही रोका जा रहा है। वहां से 1 किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करनी होगी।  वहीं प्रशासन ने झांसी से शिवपुरी की ओर वाले वाहनों को झांसी रोड पर आज एंट्री नहीं मिलेगी इन वाहनों को सुरवाया से सीधे पडोरा पहुंचना होगा।


श्री बांकडे हनुमान मंदिर शिवपुरी का सबसे प्रसिद्ध मंदिर हैं, इस मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है। यहां अनंत काल से ही श्री बांकडे सरकार की मूर्ति विराजमान है।  इतिहासकारों से पता चला है कि यह मंदिर श्री बलारी मां के मंदिर से भी पुराना है। जिसे लेकर पौराणिक मान्यता है कि मां बलारी जगल के रास्ते से श्री बांकडे सरकार के दर्शन करने आ रही थी। और वह दर्शन कर लौटते समय जंगल में ही विराजमान हो गई। जहां आज मां बलारी का मंदिर है वहां मां को लाखा बंजारा लेकर आया। परंतु मां के विराजमान का सही स्थान और अंदर है।

श्री गिरीश महाराज ने बताया है कि बांकडे हनुमान से कोई भी हारा हुआ व्यक्ति आकर अपनी पूरी इच्छा के साथ बाबा के दरबार में अपनी फरियाद लगा दे। और पलक झपकते ही बाबा श्रद्धालुओं को दुख हर लेते है। यहां प्रति मंगलवार और शनिवार शहर से लगभग 10 हजार श्रद्धालु पैदल बाबा के दरबार में पहुंचकर अपनी अर्जी लगाते है और बाबा सभी की मनों कामना पूरी करते है। श्री गिरीश महाराज ने बताया है कि भगवान का मनमोहन बाला रूप देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान की आराधना करते है। श्री हनुमान प्रकटोत्सव के दौरान श्री यहां मेला लगता है।

कल्याण नामक पुस्तक के अनुसार
ग्वालियर-चंबल अंचल का सबसे पुराना हनुमान मंदिर है। गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित कल्याण नामक पुस्तक के अनुसार इस मंदिर का निर्माण लगभग 934 ईस्वी में हुआ था। पुस्तक में इसे ग्वालियर-चंबल का सबसे पुराना मंदिर बताया गया है। स्टेट काल में सिंधिया घराने के राजा-महाराजा भी यहां पूजा-अर्चना करने और सवामणी का भोग लगाने के लिए आया करते थे।
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