SHIVPURI NEWS - शिवपुरी शहर में माफियाओं को राज, सरकारी छोडा अब प्राइवेट प्रोपर्टी पर अवैध उत्खनन

Bhopal Samachar
शिवपुरी। शिवपुरी जिला अवैध उत्खनन को लेकर बदनाम हो चुका है। लगातार जिले से अवैध उत्खनन की खबरें मिलती रहती है। प्रतिदिन रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की खबर मीडिया प्रकाशित करती रहती है। अभी शिवपुरी के अवैध उत्खनन की तस्वीरे एक्स पर भी वायरल हो चुकी है,लेकिन फिर भी शिवपुरी का प्रशासन अवैध उत्खनन पर लगाम नहीं लगा सका है।

शिवपुरी शहर में माफियाओं ने सरकारी तो सरकारी निजी जमीन पर भी मुरम का अवैध खनन चालू कर दिया है। पीड़ित भू-स्वामी माफियाओं के खौफ के कारण काफी डरा हुआ महसूस कर रहा है। जैसा कि विदित है कि माफियाओं ने एक ओर जहां फतेहपुर शमशान घाट, मेडिकल कालेज के पास से लाखों डंपर मुरम का अवैध खनन कर लिया है, परंतु न तो राजस्व द्वारा यहां कोई कार्रवाई किसी खनन माफिया पर की गई है और न ही खनिज विभाग द्वारा इसी का परिणाम है कि खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं।

अब खनन माफियाओं ने नौहरी कला पावर हाउस के पास रत्नेश जैन पुत्र पूरन चंद जैन निवासी न्यू ब्लाक के निजी स्वामित्व की सर्वे क्रमांक 768 की जमीन पर मुरम का अवैध खनन करना शुरू कर दिया है। रत्नेश जैन के अनुसार उसकी जमीन पर रात के समय माफिया आते हैं और जेसीबी से खुदाई कर कई डंपर मुरम खोद कर ले जाते हैं। बकौल जैन पिछले एक महीने में माफियाओं ने हजारों डंपर मुरम खोद कर उसकी जमीन को तालाब बनाकर कर रख दिया है। इससे एक ओर जहां उसका नुकसान हो गया है, वहीं दूसरी ओर प्राथी अवैध खनन माफियाओं के भय से भयभीत है।

पीड़ित के अनुसार इससे पूर्व उक्त खनन माफिया प्रार्थी की भूमि के पीछे हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर पूर्व में उत्खनन किया जा चुका है। प्रर्थी ने अपनी शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया है कि माफिया न सिर्फ उसकी जमीन पर अवैध खनन कर रहे हैं, बल्कि नौहर कलां पावर के पीछे बटालियन के पास भी अवैध रूप से खनन करने में लगे हुए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने जिम्मेदार अधिकारियों से मौका मुआयना करवाया जाकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित को सता रहा नोटिस का भय

पीड़ित भू-स्वामी को इस बात का भी भय सता रहा है कि प्रशासन फिलहाल उसकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, लेकिन निकट भविष्य में यही प्रशासनिक अधिकारी उसे ही उसकी खुद की जमीन पर अवैध खनन का नोटिस दे देंगे और उसे परेशान किया जाएगा। पीड़ित को इस बात की भी आशंका है कि उसके ऊपर ही केस न लगा दिया जाए।
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