SHIVPURI NEWS -सिनेमा घरों का लाइसेंस रिन्यूअल नहीं है, लाखों रुपए की जीएसटी चोरी

Bhopal Samachar
शिवपुरी। खबर शिवपुरी के सिनेमा घरो को लेकर मिल रही है कि शिवपुरी में संचालित सभी सिनेमा घरो के लाइसेंस रिन्यूअल नहीं है,यह सभी टॉकीज बिना लाइसेंस के संचालित हो रही है। बताया जा रहा है कि शिवपुरी शहर में स्थित सभी टॉकीज के कागज अपूर्ण है।

अगर इन कागजातों की बात करे तो दुर्गा टॉकीज को किसी भी प्रकार से परमिशन नहीं मिल सकती है। वर्तमान समय में शिवपुरी शहर की चारो टॉकिजो का अवैध संचालन किया जा रहा है। कागजो मे यह टॉकीज बंद है इस कारण लाखों रुपए की जीएसटी का नुकसान सेल टैक्स विभाग को हो रहा है।

जैसा कि विदित है कि शिवपुरी शहर में वर्तमान समय में 4 किलो का संचालन किया जा रहा है। शहर के मध्य दुर्गा टॉकीज,थीम रोड पर शिव मंदिर टॉकीज और फतेहपुर रोड श्रीराम टॉकीज में दो पर्दे है। कुल मिलाकर चार पर्दो पर इस समय फिल्में दिखाई जा रही है। इन चारो टॉकीज ने अपने लाइसेंस रिन्यूअल नहीं कराए है,लाइसेंस के एक्सपायर हो जाने के बाद भी अभी तक यह सिनेमाघर बेडक संचालित हो रहे है।

1 दिसंबर को नगर पालिका ने दिए थे नोटिस

शिवपुरी नगर पालिका के राजस्व अधिकारी सुधीर मिश्रा ने बताया कि चारो टॉकिज संचालकों को 1 दिसंबर के लगभग नोटिस जारी किए थे। नोटिस में लिखा गया था आपके द्वारा दिए गए कागज अपूर्ण है। इन कागजातों को पूर्ण करने के लिए नगर पालिका ने 15 दिवस का समय दिया गया था लेकिन अभी तक किसी भी टॉकिज संचालक ने अपने कागजात जमा कराकर लाइसेंस का रिन्यूअल नहीं कराया है।

बताया है जा रहा है कि सिनेमाघर संचालित करने के लिए बिल्डिंग की परमिशन,फायर की एनओसी,पीडब्लूडी विभाग का बिल्डिंग का प्रमाण पत्र,टेलीफोन और बिजली विभाग का प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। इसमें सबसे अधिक जो जटिल प्रक्रिया है वह है फायर की एनओसी। किसी भी टॉकिज संचालक पर फायर की एनओसी नहीं है। कुल मिलाकर जितने भी दर्शक इन टॉकीज पर फिल्म का आनंद लेने जा रहे है उनकी जान खतरे में है।

लाइसेंस रिन्यूअल प्रक्रिया में जय दुर्गे टॉकीज का संचालन खतरे में

इस लाइसेंस रिन्यूअल की प्रक्रिया में जय दुर्गे टॉकीज का संचालन खतरे में है। क्योंकि यह बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है इसलिए यह पीडब्ल्यूडी के प्रमाणपत्र में अटक जाऐगी। इसके लाइसेंस जब बने थे जब कमर्शियल नक्शे का चलन नहीं था लेकिन अब इसमे कमर्शियल नक्शा लगेगा जो तोड़फोड़ के बाद ही संभव है,इस सिनेमाघर में फायर की एनओसी मिलना भी एक जटिल प्रक्रिया है।

जीएसटी की चोरी की भी खबर

जैसा कि विदित है कि सिनेमाघरों के लाइसेंस प्रक्रिया काम इससे पूर्व सेल टैक्स विभाग के पास था लेकिन सन 2023 से इस प्रक्रिया को नगर निगम और नगर पालिका के लिए स्थानांतरित कर दिया गया हैं वही अगर किसी भी टॉकीज का टिकट 100 रूपए से कम है तो उस पर 12 प्रतिशत की जीएसटी है अगर टिकट 100 रूपए से अधिक है तो 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। जानकारी मिल रही है कि इन सिनेमाघरों में जीएसटी की चोरी भी जमकर की जा रही है।
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