SHIVPURI की उजियारी रात अनंत चौदस का चाँद क्यो कहते है भैरो बाबा समिति की झांकियों को,​देखिए

Bhopal Samachar
जयनारायण शर्मा शिवपुरी। अनंत चौदस की उजियारी रात को चांद मानी जाती है भैरो बाबा उत्सव समिति की चल झांकिया। इस बार भैरो बाबा उत्सव समिति अपनी चार झांकियां बनाई थी जो शहर में आकर्षण का केन्द्र रही। इन चल झांकियों के समारोह में सबसे ज्यादा आकर्षण का केन्द्र रहे भैरो बाबा सरकार का विमान।

जैसा कि विदित है कि शिवपुरी जिले का गणेश उत्सव मप्र में सबसे अधिक धूम रहती है। 10 दिन तक चलने वाले गणेश उत्सव का गणेश विसर्जन का दिन अनंत चौदस की रात सबसे सडक पर भीड रहती है। इस रात का मुख्य आकर्षण होता है शहर में निकलने वाली चल झांकिया।

इस रात लगभग एक लाख की संख्या में लोग सडको पर रहते है। पूरे जिले सहित आसपास के जिले के लोग अनंत चौदस को शिवपुरी में निकलने वाली झांकियों का आनंद लेते है। लेकिन इस रात का सबसे मुख्य आकर्षण होता है भैरो बाबा उत्सव समिति की चल झांकिया। यह समिति पिछले 21 साल से चल झांकी समारोह की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करती है।


इस बार भैरा बाबा उत्सव समिति की झांकियों में खाटू श्याम की झांकी का निर्माण किया था इस झांकी दृश्य वह लिया गया था जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का शीश के दानी ने अपना शीश काटकर इस तीनो लोको के स्वामी को दान कर दिया था। इस कारण इनका नाम खाटू श्याम पडा

वही दूसरी झांकी महारास की लगाई गई थी जिसमें श्रीकृष्ण इस जग की महारानी राधा रानी के साथ रास कर रहे थे।

वही तीसरे झांकी भगवान भोले नाथ के समाधी वाले दृश्य का चित्रण किया गया था। विशाल भगवान शंकर बनाए गए थे।


वही चौथे नंबर की झांकी लंकापति रावण की मुख्य प्रहरी लंकिनी को बनाया गया था। लंकिनी को लंका की देवी कहा जाता था।
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