वनकर्मियो का दर्द: ग्रामीण गालिया देते है, हथियार नही है- सुरक्षा नही, मांगे नही मानी तो हम हड़ताल पर जाएंगे- Shivpuri News

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शिवपुरी।
मध्य प्रदेश वन कर्मचारी संघ के बैनर तले शिवपुरी के वन्य कर्मियों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन संघ के जिलाध्यक्ष संजीव ओझा के नेतृत्व में कलेक्टर शिवपुरी रविन्द्र कुमार चौधरी को सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से वनकर्मियो की अपनी मांग मांगी है। वन कर्मियों का कहना था कि हम सबसे अधिक काम करते है और हमारा वेतन सबसे कम है। अगर हमारी मांगे नही मानी तो हम निश्वत कालीन हड़ताल पर चले जाऐगें।

यह है वन्य कर्मियों की मांगें

1. म.प्र. वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को निम्नलिखित राजस्व / पुलिस के समान वेतनमान एवं 13 माह का वेतन प्रदाय किया जावे।

2.वन कर्मचारियों को सशस्त्र बल घोषित करने हेतु आई.पी.सी. एवं सी.आर.पी.सी. में संशोधन कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान किये जाये। 3. वनरक्षक से लेकर अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक स्तर तक के सभी अधिकारियों

3 कर्मचारियों को वर्दी अनिवार्य की जाए तथा अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 45 की अनुमति प्रदान की जाए।
4. समस्त वन रक्षकों को नियुक्ति दिनांक से ग्रेड पे - 1900 / 5680 का लाभ दिया जावे। एवं जिन्हें लाभ प्राप्त हो गया है उनकी वसूली पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार वसूली पर रोक लगाई जावे।

5. स्थाई कर्मी, वन रक्षक एवं वन क्षेत्रपाल के संशोधित भर्ती नियम को स्वीकृति प्रदान कर लागू करवाया जावे।


6. स्थाई कर्मी को चतुर्थ श्रेणी में म.प्र. शासन के आदेशानुसार समायोजित कर सातवां वेतनमान अनुकंपा नियुक्ति एवं वर्दी प्रदान की जायें।

7. वन अधिकार अधिनियम 2005 के शेष बचे आवेदनों को समाप्त कर वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण राजनीतिक संरक्षण / भू-माफिया / नक्शालाईट से संरक्षण प्रदान किया जावे।

8.वन कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर 5000/- रूपये वर्दी भत्ता प्रदान. किया जावें।

9. वन कर्मचारियों को 13 माह का वेतन, पौष्टिक भत्ता, नक्सलाइट क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियों को नक्सली भत्ता एवं टाइगर रिजर्व की बीट में दो वनरक्षकों की पदस्थिति की जावे

10. राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व एवं में कार्यरत कर्मचारियों को केंद्र शासन के निर्देशानुसार देय राशि एवं अन्य सुविधाओं का भुगतान किया जावे।


11. वर्ष 2005 के पश्चात् नियुक्त कर्मचारियों को भी पूर्व की भांति पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जावे।

12. वन विभाग के कर्मचारियों की सेवा को तकनीकी सेवा घोषित की जाये एवं कर्मचारियों को विश्राम का समय प्रदान किया जाकर 12 घंटे की ड्यूटी तक की जाये।

13. वन सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियों को वन शहीद का दर्जा दिया जाए एवं शहीद के समान शहीद परिवार के सदस्यों को 1 करोड़ की राशि एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाये !

14. वन अपराध के दौरान हुई वन हानि की वसूली वन कर्मचारियों से बंद की जाए एवं डिपो में परिवहन की गई वनोपज का परिवहन एक माह में मिलान किया जाए एवं वनोपज को अमान्य किया जाये।

15. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं म.प्र. शासन वन विभाग के पालन में दिनांक 12. 05.2016 के पूर्व संपादित डी.पी.सी. के पदोन्नति आदेश की पालना कराई जाये।

16. वन विभाग में कार्यरत समस्त वर्ग के लिपिकों एवं निज सहायक एवं वरिष्ठ निज सहायक का वेतनमान मंत्रालय में कार्यरत लिपिकों को समान किया जाये।

17. वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की पदोन्नति पुलिस राजस्व के समान या उच्च पद के प्रभार दिये जाने के आदेश जारी किये जायें।

18.05 वर्ष से पूर्व नियुक्त वन विभाग में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर को संविदा नियुक्ति दी जाए एवं मुख्यालय के समान प्रदेश के समस्त कंप्यूटर ऑपरेटर को समान वेतन प्रदान किया जायें।


19. तेंदूपत्ता प्रबंधकों को नियमित किया जाकर न्यूनतम मानदेय 15000/- प्रतिमान प्रदान किया जावे।
20. वन विभाग में मानचित्रकारों को छत्तीसगढ़ राज्य की भांति पदनाम परिवर्तित करते हुए नवीन मानचित्रकार का ग्रेड पे पूर्व ग्रेड पे 3200 के अनुसार संशोधन एवं मानचित्रकार के पद में एक एस.डी.ओ. कोटे से पदोन्नति दी जावे ।