सामाजिक न्याय विभाग में रिश्वत नहीं दी तो खो गई 70% दिव्यांग की फाइल: यह है BJP का सुशासन- Shivpuri News

शिवपुरी।
दिव्यांगजनों को शादी के प्रोत्साहित करने एवं दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दिव्यांग जन को विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। लेकिन बदरवास जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत अटलपुर के एक दंपत्ति योजना का लाभ लेने के लिए पिछले डेढ़ साल से जनपद कार्यालय सहित सामाजिक न्याय विभाग के चक्कर काट काट कर थक गए हैं। अधिकारियों ने उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं दिया है।

ग्राम अटलपुर निवासी पूजा पुत्री प्रकाश नारायण शर्मा का विवाह करीब डेढ़ साल पहले 25 जून 2021 को ग्राम बछौरिया में हिंदु रीति रिवाज से राजेश पुत्र गिरजा शंकर शर्मा निवासी अटलपुर से हुआ था। पूजा हाथ, पैर और आँख से दिव्यांग होकर 70 प्रतिशत दिव्यांग है। शादी के उपरांत दंपत्ति ने मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत जनपद पंचायत के माध्यम से प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया।

विवाह को डेढ़ साल बीत जाने के उपरांत भी उन्हें योजना की 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। हितग्राही का आरोप है। कि जनपद से सामाजिक न्याय विभाग तक उससे पैसों की मांग की जाती है। उससे कहा जाता है कि उसे अगर प्रोत्साहन राशि चाहिए तो उसका पैसा खर्च होगा। पैसा नहीं देने पर कह दिया खो गई फाइल राजेश का आरोप है कि जब उसने अधिकारियों द्वारा की जाने वाली पैसों की मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई तो अधिकारियों ने एक नया तरीका अपना लिया। अब वह यह कह रहे हैं कि आपकी फाइल खो गई है। ऐसे में आपको इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।

इस पूरे मामले में जब सामाजिक न्याय विभाग के प्रभारी अधिकारी महेंद्र जैन को फोन लगाया गया तो उनका कहना था कि वह पांच मिनट में आवेदन का स्टेटस चेक करके जानकारी देते हैं। जब एक घंटे बाद तक महेंद्र जैन का फोन नहीं आया तो उन्हें दोबारा फोन लगाया गया, जिस पर एक बार फिर उनका यही कहना था कि पांच मिनट बाद बताते हैं, किस कारण से संबंधित को योजना का लाभ नहीं मिला है। कुछ देर बाद उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय में उक्त दंपती का कोई आवेदन आया ही नहीं है।

यह है योजना का स्वरूप

योजना के तहत अगर युवक सामान्य है और वह दिव्यांग युवती से शादी करता है अथवा युवती सामान्य है और वह दिव्यांग युवक से शादी करती है तो इस योजना के तहत उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए। जाने का प्रावधान है। इसके अलावा अगर युवक.युवती दोनों ही दिव्यांग हैं तो उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।