Shivpuri News- बैराड में प्रसूता के परिजनो ने रिश्वत नहीं दी तो शादी से पहले ही करा दिया प्रसव: हेल्पलाइन को किया गुमराह

बैराड। खबर स्वास्थ्य विभाग के कारनामों को लेकर आ रही है रिश्वत ना मिलने पर कैसे नागरिकों को परेशान किया जाता है। इस मामले में अगर गौर किया जाए तो ऐसा लगता है कि सरकार की ओर से योजनाओं में दी जाने वाली सुविधा कर्मचारियों की रिश्वत का साधन बन रही हैं। जानकारी मिल रही हैं कि एक प्रसूता के परिजनों ने रिश्वत नहीं दी तो उसकी डिलेवरी की तारीख उसकी शादी से पूर्व की दर्ज कर दी और उसका निवास स्थान और गांव तक का नाम बदल दिया जिससे उसकी प्रसूता सहायता राशि नहीं मिल सके। इतना ही नहीं जब इस मामले की पीडित ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो तीन पर हेल्पलाइन को भी गुमराह कर दिया।

मामला सामने आया है उसमें रेशमी पत्नी धीरज ओझा का प्रसव 29 अक्टूबर 2022 को प्रसव हुआ था। इससे पूर्व जब टीकाकरण कार्ड बना तो एएनएम चंद्रवती बाथम ने कार्ड पर तो जानकारी पूरी तरह से सही लिखी लेकिन आनलाइन जानकारी भरते हुए उसका निवास स्थान बैराड़ शिवपुरी की जगह खिलचीपुर राजगढ़ डाल दिया। रेशमी ने जब अनमोल पोर्टल पर एंट्री चैक करवाई तो पता चला कि उसका निवास स्थान व प्रसव दिनांक गलत होने के कारण उसे प्रसूती सहायता नहीं मिली।

जब धीरज ने इसमें सुधार की बात कही तो बीएमओ पोहरी के कम्प्यूटर ऑपरेटर ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि अनमोल पोर्टल पर एक बार एंट्री होने के उपरांत उसमें कोई सुधार होना संभव ही नहीं है। विरोध दर्ज कराने पर कम्प्यूटर आपरेटर ने रातों रात उसकी प्रसव की तारीख बदलाव कर सही करवा दी। धीरज का आरोप है कि उससे एएनएम द्वारा पूर्व में पैसों की मांग की गई थी जो उसने पूरी नहीं की तो एएनएम के द्वारा जानबूझ कर एंट्री गलत की गई है।

सीएम हेल्पलाइन को 3 बार गुमराह किया

खास बात यह है कि संबंधित पक्ष द्वारा तीन बार सीएम हेल्पलाइन लगा दी गई है, परंतु कम्प्यूटर आपरेटर हर बार निराकरण में मामले को जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज का होना बता रहा है, जबकि उसे स्पष्ट रूप से पता है कि यह मामला वैराड का है। समस्या के निराकरण की जगह अब तक छह वार शिकायत को यहां से वहां ट्रांसफर कर दिया गया है। जब संपूर्ण मामले पर कम्प्यूटर आपरेटर पवन मित्रा को फोन लगाए गए तो उन्होंने फोन ही अटेंड नहीं किए।

इनका कहना हैं
रेशमी वाला मामला मेरे संज्ञान में हम जांच करवा रहे हैं कहां से गलती हुई है और उसमें क्या सुधार किया जा सकता है। फिलहाल धीरज ने मुझे यह नहीं बताया है कि उससे किसी ने प्रसूति सहायता के एवज में पैसों की मांग की थी। वह मुझे लिखित में शिकायत दर्ज कराता है तो मैं मामले की जांच करूंग और उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
डा महेंद्र धाकड़, वीएमओ पोहरी .