Shivpuri News- सरकारी अस्पताल में नशे में वार्ड बॉय महिला के पास सो गया, डॉक्टर को गालियां और SCST ACT की धमकी

प्रदीप तोमर मोंटू@ शिवपुरी। शिवपुरी के जिला अस्पताल में फिर शराब के नशे में ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय के हंगामा करने की खबर आ रही हैं,इस हंगामे के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में वार्ड बॉय अपना इलाज कराने की जिद पर अड़ा है और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर का गालियां बक रहा हैं। वही बताया जा रहा है कि नशे में वार्ड बॉय अस्पताल में अस्पताल की नई बिल्डिंग में शराब के नशे में किसी महिला अटेंडर के पास जाकर सो गया वहां इसकी मारपीट करने की खबर भी आ रही हैं। इससे पूर्व भी पिछले दिनो सरकारी अस्पताल में इसी वार्ड बॉय में दिन दहाडे हंगामा किया था और एंबुलेंस के नीचे सो गया।

जानकारी के अनुसार बीती रात्रि लगभग 12 बजे ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय वीरू जाटव शराब के नशे में ट्रामा सेंटर में घुस गया और वहां हंगामा करने लगा,जिससे आईसीयू में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पडा,वार्ड बॉय इतने नशे में था कि वह चल भी नहीं पा रहा था साथी कर्मचारियों ने बडी ही मशक्कत के बाद उसे व्हीलचेयर पर बिठाकर किसी तरह आईसीयू से बाहर निकाला। उक्त नजारे की वीडियो वायरल हो रही हैं।

वही एक और वीडियो इस वार्ड बॉय की वायरल हुर्ह है। यह 7 दिन पूर्व की बताई जा रही हैं। जिसमें यह वार्ड बॉय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर इलाज ना करने का आरोप लगाते हुए उसे गालिया बक रहा हैं। वीडियो में स्पष्ट सुनाई व दिखाई दे रहा हैं कि साथ कर्मचारी उसे समझाने का प्रयास भी कर रहे हैं साथ में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी फोन पर किसी अधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दे रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि बीती रात्रि इस वार्ड बॉय को जब आईसीयू से साथी कर्मचारियों ने बाहर कर दिया तो यह वार्ड बॉय लडखडाते कदम से अस्पताल की नई बिल्डिंग की ओर चला गया,वहां जाकर किसी महिला अटेंडर के पास सो गया। वार्ड बॉय के इस तरह सो जाने के बाद महिला अटेंडरों के साथ आए परिजनों ने उसकी मारपीट भी की है।

SCST ACT में फसाने की धमकी देता है

बार बार शराब के नशे में हंगामा करने के बाद भी प्रबंधन कार्रवाई नहीं करता सवाल बन रहा है। बताया जा रहा है कि वीरू जाटव बार बार कर्मचारियों और डॉक्टरों को मरने और हरिजन एक्ट की धमकी देता हैं इस कारण इस वार्ड बॉय का आतंक बढ़ता रहा हैं। बताया जा रहा है कि पिछले एक साल पर में यह उसका आठवां हगांमा हैं,इस हंगामे को बार बार दबा लिया जाता है लेकिन इस मोबाइल के युग में किसी मरीज के अटेंडर ने यह कैद कर दिया और वायरल कर दिया।