गुड न्यूज:माधव नेशनल पार्क शिवपुरी में 15 जनवरी तक आएंगे टाइगर,हुए टेंडर,यह रहगी सुरक्षा- Shivpuri News

शिवपुरी।
कूनो के जंगल में चीतों के बाद अब शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में 15 जनवरी तक टाइगर की दहाड़ भी सुनाई देगी। टाइगर लाने के बाद एक सप्ताह तक जिस बाड़े में क्वारंटाइन रखा जाएगा, उसे बनाने के लिए टेंडर हो चुका है और 20 दिन के अंदर बाड़ा बनकर तैयार हो जाएगा।

बाड़े के बनते ही नेशनल पार्क में टाइगर आ जाएंगे। वहीं नेशनल पार्क में तैनात कर्मचारियों को मिलने वाले वायरलेस सेट खरीदने के लिए भी टेंडर कॉल हो चुका है तथा पार्क में टॉवर लगाने के लिए जल्दी ही कंपनी के लोग आने वाले हैं।

माधव नेशनल पार्क के डायरेक्टर उत्तम शर्मा का कहना है कि दिसंबर के अंत तक टाइगर शिवपुरी लाने का पूरा प्रयास है। लेकिन नेशनल पार्क के अंदर वायरलेस टावर लगाने के लिए अनुमति अभी नहीं मिल पाई हैं इसलिए थोड़ा समय लग रहा हैं।

गौरतलब है कि शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में एक बार फिर टाइगर को बसाने और विदेशी सैलानियों को शिवपुरी तक लाने की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। नेशनल पार्क में एक नर व दो मादा टाइगर को लाया जाएगा, उसके लिए भी पन्ना टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ सहित अन्य पार्क में टाइगर चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई।

इधर माधव नेशनल पार्क में 4 हेक्टेयर 20 बीघा क्षेत्रफल में 15 फीट ऊंची जाली वाला बाड़ा बनाए जाने के लिए मटेरियल का टेंडर ऑनलाईन जैम पोर्टल के माध्यम से हो चुका है। नेशनल पार्क के डायरेक्टर का दावा है कि लगभग 20 दिन में बाड़ा बनकर तैयार हो जाएगा तो फिर टाइगरों को ट्रेंक्यूलाइज करके शिवपुरी लाकर उस बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।

बाड़े में लगभग एक सप्ताह तक टाइगर को रखने के बाद वहां के वातावरण से उसे परिचित कराया जाएगा, ताकि जब उसे बाड़े से बाहर छोड़ा जाए तो वो जंगल उसे अपरिचित न लगे, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि टाइगर को उस जंगल में सब कुछ सामान्य लग रहा है या नहीं।

बीप की आवाज से पता चलेगा की टाइगर कर्मचारी से कितना दूर है

माधव नेशनल पार्क में जिन टाइगरों को लाया जाएगा, उनके गले में कॉलर लगाया जाएगा। जिससे नेशनल पार्क में उनकी मौजूदगी व दिशा मालूम होती रहेगी। पार्क कर्मचारी हाथ में एंटीना व स्क्रीन बोर्ड साथ में लेकर चलेंगे तथा टाइगर आसपास होने पर उसमें बीप आएगी। वीप की आवाज से पता चल सकेगा कि टाइगर जंगल में उस कर्मचारी से कितना दूर है। टाइगर नजदीक होने पर वीप की आवाज तेज आएगी तथा स्क्रीन पर वो दिशा भी नजर आएगी, जहां पर टाइगर होगा।

सभी कर्मचारियों पर होंगे वायरलेस सेट

टाइगर को जंगल में छोड़ने के बाद उस पर चौबीस घंटे नजर रखी जाएगी। इसके लिए सभी पार्क कर्मचारियों पर वायरलेस सेट होंगे, जिसके माध्यम से वे आपस में एक.दूसरे से न केवल बात कर सकेंगे, बल्कि टाइगर की स्थिति के बारे में भी बताएंगे। पार्क में कुल 41 वायरलेस सेट खरीदे जाएंगे, जिसके लिए टेंडर हो चुका है।

नेशनल पार्क में टॉवर भी लगाए जाएंगे तथा जो कंपनी टावर लगाएगी, उसे पूरे प्रदेश के पार्कों का काम मिला है। माधव नेशनल पार्क प्रबंधन उन्हें जल्दी बुला रहा है। टाइगर को सीधे जंगल में न छोड़ते हुए एक सप्ताह बाड़े में रखेंगे।

बाड़े के टेंडर हो गए, 20 दिन में वो तैयार हो जाएगा। वायरलेस सेट के भी टेंडर कर दिए, पार्क में टावर लगाने के लिए भी जल्दी टीम आएगी। प्रयास है कि दिसंबर लास्ट तक टाइगर शिवपुरी आ जाएं।
उत्तम शर्मा,डायरेक्टर माधव नेशनल पार्क शिवपुरी