बच्चे पहले पहुंच जाते है और स्कूल बाद में खुलता है,मध्यान्ह भोजन भी नहीं बटता- khaniyadhana News

खनियाधाना। खबर खनियाधाना के गणेशखेड़ा जनपद से मिल रही है। गणेशखेड़ा का शासकीय स्कूल में शिक्षक समय पर नहीं पहुचते है। स्कूल में पड़े रहे है ताले विधार्यी बाहर घण्टे खडे़ रहकर करते है मासाहब का इंतजार बच्चों को नही मिलता मध्यान्त भोजन

जानकारी के अनुसार खनियाधाना के गणेशखेड़ा शासकीय स्कूल भगवान भरोसे है। स्कूल खुलने का समय 10ः30 बजे का और बंद होने का समय 4ः30 बजे का है। लेकिन शिक्षक आते है। 12 बजे बावजूद इसके विद्यार्थी को बाहर घंटे खडे रहना पड़ता है।

शिक्षक रहते है नदारद स्कूल के समय पर लटके मिले ताले स्कूल में गंदगी फैली मिली वही जब ग्रामीणों से बात की तो ग्रामीणें ने बताया कब स्कूल खुलता है और कब बंद होता है। ये तो यहा पर आने वाले शिक्षकों की मरजी का है। एक ओर सरकार के द्वारा स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बांटा जाता है।

महीनों से बच्चों को नहीं मिल रहा है। हर माह सरकार स्कूलों के लिए लाखों रुपए इस योजना पर खर्च कर रही हैं यहां के शिक्षा विभाग के नुमाइंदे सरकारी की योजना को पलीता लगा रहे है। न तो समय पर स्कूल आते है और न ही बच्चों को मध्यान्ह भोजन बांटा जा रहा है। मध्यान्ह भोजन योजना के कार्य स्व सहायता समूह द्वारा बच्चों को भोजन वितरण किया जाता है। पिछले माह से मध्याह्न भोजन का वितरण नहीं किया जा रहा है स्कूल में शिक्षक भी समय पर नहीं पहुंचते है।

इनका कहना

हम स्कूल समय पर ही खोलते है। गांव में बच्चों को बुलाने जाना पड़ता है। इसलिए लेट हो जाते है। मध्यान्ह भोजन बाँटते है। पर मेन्यू के हिसाब से नहीं बट पाता है। नहीं तो समय पर बच्चों को मध्यान्ह भोजन देते हैं वो इसलिए लेट हो जाता है का समूह आदिवासी का है तो समय पर बाँटने. पर परेशानी होती है। हमने इसकी शिकायत की है।
ब्रजेन्द्र परिहार अध्यापक शासकीय स्कूल गणेशखेड़ा