युवक की रेबीज से मौत- पानी को देखकर डरने लगा था युवक, ग्रामीणों को लगाया एंटी रेबीज डोज- kolaras News

कोलारस। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग में आने वाले गांव बेहटा में एक युवक की मौत हो गई। इस मौत के बाद ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया,बताया जा रहा है कि जिस युवक की मौत हुई है उसके चाचा की 7 माह पूर्व मौत हो गई थी। उसे पागल कुत्ते ने काटा था,भतीजा उसकी देखभाल कर रहा था अब भतीजा भी तडप तडप कर मर गया,मृत युवक पानी को देख कर डरने लगा था उसमें रेबीज के लक्षण दिख रहे थे।

घटना के बाद ग्रामीणों में‎ रेबीज संक्रमण फैलने से‎ दहशत का माहौल व्याप्त है।‎ हालांकि घटना की सूचना पर‎ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने‎ युवक के संपर्क में आने वाले‎ 22 लोगों को एंटी रेबीज का‎ पहला डोज दे दिया है। बताया‎ जा रहा है कि युवक का कुछ‎ दिनों से पानी देखकर भी डर‎ लगने लगा था। वहीं डॉ. पवन‎ जैन का कहना है कि दोबारा‎ गांव में इस तरह की बीमारी से‎ लोगों की मौत नहीं होगी।‎ क्योंकि किसी में इस तरह के‎ लक्षण नहीं हैं।‎

सीएमएचओ डॉ पवन‎ जैन ने टीम बनाकर बेहटा गांव में‎ जांच करने भेजा। जहां ग्रामीणों‎ से बातचीत में पता चला कि‎ अब से 7 महीने पहले युवक‎ के चाचा को किसी पागल‎ जानवर ने काट लिया था‎ जिसकी वजह से उसकी मृत्यु‎ हो गई। मृतक चाचा की पूरी‎ तरह से देखभाल उनका भतीजा करता था।

सीएमएचओ डॉ जैन ‎की माने तो उनके संपर्क में‎ आने से भतीजा भी रैबीज‎ बीमारी का शिकार हो गया। यह बीमारी इतनी बड़ी कि भतीजे‎ को पानी से डर लगने लगा और ‎ ‎ वह अंत में तड़प तड़प कर‎ अपनी जान गंवा बैठा। युवक‎ की मृत्यु से गांव में हंगामा मचा‎ तो स्वास्थ्य विभाग की टीम‎ बेहटा पहुंची जहां बीमारी से‎ ग्रसित भतीजे के संपर्क में रहने वाले 22 लोगों को ट्रेस किया‎ गया और फिर इन सभी लोगों‎ को एंटी रैबीज इंजेक्शन का‎ पहला डोज़ दिया गया। अब‎ ‎ इन्हें 5 डोज एंटी रैबीज के‎ लगेंगे और पूरी तरह से इनका‎ जीवन सुरक्षित हो जाएगा।‎

CMHO ने जारी की‎ एडवाइजरी‎

सीएमएचओ डॉ. पवन जैन‎ ने एडवाइजरी जारी कर कहा‎ यदि कोई पागल जानवर या‎ रेबीज लक्षणों वाला जानवर‎ गांव में कहीं मिले तो उसकी‎ जानकारी तत्काल पशु विभाग‎ में दें। रैबीज लक्षणों से युक्त‎ गाय, भैंस, बकरी के दूध का‎ सेवन न करें। ऐसी घटना की‎ जानकारी समीपस्थ प्राथमिक‎ स्वास्थ्य केंद्र,पर देकर एन्टी‎ रैबीज वैक्सीनेशन कराएं।‎ रैबीज एक प्राण घातक‎ बीमारी है, जो पागल जानवर‎ द्वारा काटे जाने से मनुष्य में‎ फैलती है। इसका प्रथम दिन‎ से ही उपचार और एंटी रैबीज‎ वैक्सीन लगवाई जाना‎ आवश्यक है।‎