हौसलों में उड़ान: एक्सीडेंट में दोनों हाथ खो दिए, अब अधिकारी बनने बिना हाथों के दी MPPSC की परीक्षा- Shivpuri News

शिवपुरी
। आज मध्यप्रदेश में एमपीपीएससी की परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें शिवपुरी जिले में 16 सेंटरों पर अधिकारी बनने लगभग 10 हजार छात्रों ने अपना भाग्य आजमाया। इसी बीच आज एक ऐसा युवक सामने आया जो दोनों हाथों से बिकलांग तो है। परंतु उसका जुनून और जज्बा देखने लायक था। दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी यह युवा अधिकारी बनने का सपना लेकर परीक्षा देने पहुंचा।

दरअसल आज जो 16 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। उनमें से एक सेंटर शहर का गणेश ब्लेस्ड पब्लिक स्कूल को भी प्रशासन ने सेंटर बनाया है। इस सेंटर पर आज अवदेश रावत जो कि झिरी के पास स्थिति छोटे से गांव नरैयाखेडी के निवासी है वह परीक्षा देने पहुंचे। जैसे ही वह परीक्षा देने सेंटर में पहुंचे तो उन्हें देखकर सेंटर पर उपस्थिति अधिकारी सोच में पड गए। दरअसल अवधेश के दोनों हाथ नहीं है। जिस पर सेंटर पर अधिकारियों ने पूछा कि वह अपने साथ किसी राइटर को लेकर आए है क्या जो उनकी परीक्षा देगा। जिसपर अवधेश ने कहा कि वह खुद ही अपनी परीक्षा देगा।

जिसपर जब उससे परीक्षा दिलाई तो वह अपने दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी परीक्षा देते हुए दिखाई दिया। जिसे देखकर हर कोई चौक गया। शिवपुरी समाचार की टीम ने जब इस युवक को देखा और उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह नरैयाखेडी गांव का रहने बाला है। 2009 में वह तालाब पर खेल रहा था तभी उसे करंट लग गया और इस हादसे में वह अपने दोनों हाथ गवां बैठा। कहते है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके हौसलों में उडान होती है। पखों से कुछ नहीं होता हॉसलों में जान होती है इस कहावत को चरितार्थ करता अवधेश इंदौर में रहकर एमपीपीएसी की तैयारी कर रहा है।

उसने यह एक्जाम पहली बार दिया है। परंतु उसका हौसला देखिए कि दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी वह फर्राटे से अपनी दोनों कोहनियों में पैन पकडकर परीक्षा दे रहा है। इस दौरान जब परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण करने कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह पहुंचे तो उन्होंने भी इस छात्र को देखा तो वह भी गदगद हो गए। उसके बाद कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने उन्हें अच्छी परीक्षा की शुभकामनाएं दी। छात्र अवधेश ने बताया कि पहले जब उसके साथ यह हादसा हुआ उसे लगने लगा था कि उसका जीवन बिना हाथों के कैसे संभव है।

परंतु धीरे धीरे उसने अपने आप को संभाला और पूरे परिवार ने उसका साथ दिया। नतीजन वह वह अधिकारी बनने का सपना लेकर परीक्षा देने पहुंचा है। अब रिजल्ट क्या आता है यह तो बाद में तय होगा। परंतु शिवपुरी समाचार ऐसे युवा के हौसले को सलाम करता है।