न्यायालय का निर्देश कोविड में काम करने वाले डाक्टरों को नौकरी पर रखो - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर समाप्त होने के उपरांत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा शिवपुरी में लगाए गए 19 डॉक्टरों को भोपाल से आदेश निर्देशों के क्रम में नौकरी से हटा दिया था। कोरोना में काम करने वाले सभी डाक्टर सरकार के इस निर्णय के खिलाफ हाई कोर्ट ग्वालियर चले गए।

हाई कोर्ट ग्वालियर में दायर याचिका क्रमांक डब्ल्यूपी/9184/2022 की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने डॉक्टरों को अंतरिम राहत देते हुए आदेश जारी किया है कि 31 मार्च 2022 की स्थिती में हटाए गए डॉक्टरों से पुनः काम कराया जाए।

न्यायालय के आदेश क्रम में सभी डॉक्टरों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में अपनी उपस्थिती दर्ज करा दी है। जिन डॉक्टरों ने अपनी उपस्थिती दर्ज कराई है उनमें डॉ दिलीप मुदगल, डॉ राकेश राठौर, डॉ नृपेंद्र रघुवंशी, डॉ आशीष त्रिपाठी, डॉ रोहित श्रीवास्तव, डॉ रियाज खान, डॉ होम सिंह धाकड़, डॉ इरफान खान, डॉ आसमा खान, डॉ वर्षा तिवारी, डॉ राजेश कोली, डॉ वीरेंद्र वर्मा, डॉ आदित्य गुप्ता, डॉ ज्योति वर्मा, डॉ गोपलेश शर्मा, डॉ शोभा शर्मा, डॉ नीलम चतुर्वेदी, डॉ हेमंत गौतम, डॉ कपिल मौर्य शामिल हैं।

अब 24 घंटे खुलेगा कंट्रोल रूम

अगर विभागीय सूत्रों की मानें तो न्यायालय के आदेश के क्रम में इन डॉक्टरों को वापिस ड्यूटी पर रख लिया जाता है तो मरीजों की स्क्रीनिंग, कॉन्टेक्ट हिस्ट्री, दवा वितरण सहित कंट्रोल रूम का काम और तेजी से शुरू हो जाएगा। ऐसे में मरीजों को मिलने वाली सेवाएं बेहतर होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इनका कहना है
न्यायालय के आदेश के पालन में हम भोपाल से मार्गदर्शन लेकर उक्त डॉक्टरों को वापिस ड्यूटी पर रख कर कोविड के काम में तेजी लाने का प्रयास करेंगे। अगर इन डॉक्टरों की सेवाएं हमें मिलती हैं तो हम कंट्रोल रूम को अधिक समय तक खोल पाएंगे। इसके अलावा भी कई अन्य कार्य कर सकेंगे।
डॉ संजय ऋषिस्वर,नोडल, कोविड