150 करोड़ खर्च:फिर भी शहर 25 रुपए की कट्टी के भरोसे, राजे ने हाथ तक जोड़े कि पानी पिला दो - Shivpuri News

संतोष शर्मा। यह हैं भाजपा की विकास की कहानी कि 150 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी शहर पानी की कट्टीयो और टैंकर के भरोसे जिंदा है,शहर अपने प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए एक एक कट्टी पानी तक को भटकने के लिए मजबूर हैं,और सरकार प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए पूरे 150 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी हैं। वही नपा के अधिकारी पैसे बचाने के लिए अपनी वाही वाही कराने के लिए बोरो के बिजली कनेक्शन तक कटवा चुके हैं,अब सिंध की लाइन फूटने पर ऐसी तपती गर्मी में जनता जल के जगराता करने को मजबूर हैं।

शिवपुरी शहर की पेयजल समस्या पर मीडिया ने आज तक सबसे अधिक खबरें प्रकाशित की हैं,अगर गूगल सर्च में गलती से आपने सिंध लिखकर सर्च किया तो हजारो खबरें शिवपुरी की सिंध जलावर्धन योजना की मिल जाएगी,फिर भी इस योजना के क्रियान्वयन को शासन प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। इस योजना में लगातार भ्रष्टाचार होता रहा बजट बढ़ता रहा,एक दिन वह भी आया कि इस योजना को बंद कर दिया गया,लेकिन शहर जगा और जल क्रांति पर अड गया जिससे यह योजना फिर शुरू हुई।

भाजपा अपना मूल्यांकन शिवपुरी की सिंध से करे

पिछले 15 साल से प्रदेश में भाजपा की सरकार हैं। शिवपुरी के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने के लिए सिंध जलावर्धन योजना का भूमिपूजन वर्ष 2007 में भव्यता के साथ कोर्ट रोड शिवपुरी पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह द्वारा किया था उस समय इस योजना की लागत मात्र 59 करोड़ थी। शहर को एक उम्मीद जागी कि चलो अब उसे आसानी से पानी उपलब्ध हो जाएगा,लेकिन योजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार,लापरवाही ऐसी की गई कि योजना अपनी लागत से 3 गुना हो गई और अपने निर्धारित पूर्णता के समय से लगभग 15 साल से अधिक लेट हो गई।

योजना में घटिया स्तर के पाइप का इस्तेमाल एवं सुस्त चाल के कारण महीनों नहीं वर्षों तक इस पेयजल व्यवस्था को पूर्ण नहीं होने दिया गया जिससे इसकी लागत तीन गुना बढ़कर लगभग 150 करोड़ को भी पार कर गई। यहां बताना लाजमी होगा कि भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के उपरांत ही दोशियान कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया परंतु यह आम जनता एवं शिवपुरी विधायक की आंखों में धूल झोंकने का षड्यंत्र था क्योंकि दोशियान कंपनी के मैनेजर महेश मिश्रा की ओम कंस्ट्रक्शन को ही दोबारा काम दे दिया गया।

हाथ तक जोडे है राजे ने,अब नहीं चलेगा ऐसे काम

हाथ जोडकर यशोधरा राजे सिंधिया ने शिवपुरी की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने के लिये तत्कालीन सीएमओ रणवीर कुमार एवं अन्य अधिकारियों से कहा था कि मेरी शिवपुरी की जनता को पानी जल्द से जल्द उपलब्ध करा दो, यह बात है 21 अप्रैल 2017 की जब यशोधरा राजे सिंधिया मडिखेडा डैम पर इंटेकवेल एवं पाईप लाईन के कार्यो का निरीक्षण करने पहुंची थी।

15 वर्षों की आमजन की तपस्या एवं यशोधरा राजे के प्रयासों की बदौलत सिंध का पानी शिवपुरी तक तो पहुंच चुका है परंतु भ्रष्टाचार का संक्रमण अभी भी पाइप लाइन को चबा रहा है, आये दिन पाईप लाईनों का टूटना एवं मडिखेडा से सतनबाडा फिल्टर प्लांट एवं वहां से शिवपुरी शहर तक बिछाई गई घटिया लाईन अभी भी निर्वाध रूप से पानी को शहर तक नहीं पहुंचने दे रही है शेष कसर नगरपालिका के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण के भी शहर प्यासा हैं।