श्री बांकड़े हनुमान कथा: बांकड़े सरकार से मिलने आ रही थी मां बलारी, बलारी मंदिर से पुराना है बांकड़े मंदिर का इतिहास - Shivpuri News

नीरज अवस्थी शिवपुरी। आज पूरे भारत में कलयुग के देवता श्री हनुमान जी महाराज का जन्मोत्सव बडे धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिसके चलते पूरे देश में श्रद्धालु श्री हनुमानजी के अवतरण की खुशियां पूरे धूमधाम से मना रहे है। शिवपुरी में यह खुशियां आज देखने को मिली है। कोरोना के बाद दो साल तक मेले और मंदिरों पर प्रशासन की पाबंदियों के बाद इस बार राहत मिलते ही श्रद्धालु पूरी धूमधाम के साथ भगवान की आराधना में जुट गए है।

शिवपुरी में आज सुबह से श्री बांकडे सरकार, श्री मंशापूर्ण हनुमान जी,श्री बड़े हनुमान जी,श्री बालाजी धाम,श्री चिंताहरण सरकार,खेड़ापति सरकार,पंचमुखी हनुमान जी,चौराहे वाले मंदिर,रेलवे स्टेशन के पास वाले मंदिर सहित पूरे जिले में श्री हनुमान जी के मंदिरों पर आज सुबह से ही श्रृद्धालुओं का तांता लगना प्रारंभ हो गया है। सभी मंदिरों पर श्रद्धालु भगवान की पूजा अर्चना में जुट गए है। इसी बीच प्रशासन ने बांकडे हनुमान मंदिर पर भारी मात्रा में श्रृद्धालुओं के पहुंचने के अनुमान के चलते श्रृद्धालुओं की सहूलियत के लिए शानदार पुलिस व्यवस्था के लिए आने और जाने के रास्ते बदल दिए। जिससे आज पूरे दिन लगने वाले जाम से भी श्रृद्धालुओं को राहत मिली।

आज शिवपुरी समाचार की टीम श्री बांकडे हनुमान सिद्ध क्षेत्र में पहुंची। जहां श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां भारी मात्रा में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे है। अनुमान है कि शाम तक यहां लगभग 2 लाख श्रद्धालु भगवान के दर्शन का लाभ लेकर आर्शीवाद लेगे।

इस मंदिर के महंत गिरीश महाराज ने बताया है कि वैसे तो इस मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है। यहां अनंत काल से ही श्री बांकडे सरकार की मूर्ति विराजमान है। उन्हें भी इतिहासकारों से पता चला है कि यह मंदिर श्री बलारी मां के मंदिर से भी पुराना है। जिसे लेकर पौराणिक मान्यता है कि मां बलारी जगल के रास्ते से श्री बांकडे सरकार के दर्शन करने आ रही थी। और वह दर्शन कर लौटते समय जंगल में ही विराजमान हो गई। जहां आज मां बलारी का मंदिर है वहां मां को लाखा बंजारा लेकर आया। परंतु मां के विराजमान का सही स्थान और अंदर है।

श्री गिरीश महाराज ने बताया है कि बांकडे हनुमान से कोई भी हारा हुआ व्यक्ति आकर अपनी पुरी इच्छा के साथ बाबा के दरबार में अपनी फरियाद लगा दे। और पलक झपकते ही बाबा श्रृद्धालुओं को दुख हर लेते है। यहां प्रति मंगलवार और शनिवार शहर से लगभग 5 हजार श्रद्धालु पैदल बाबा के दरबार में पहुंचकर अपनी अर्जी लगाते है और बाबा सभी की मनों कामना पूरी करते है। श्री गिरीश महाराज ने बताया है कि भगवान का मनमोहन बाला रूप देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान की आराधना करते है। आज श्री हनुमान प्रकटोत्सव के दौरान श्री यहां मेला लगता है।

बताया जा रहा है कि यह मंदिर फोरेस्ट क्षेत्र में आने के चलते यहां प्रशासन और मंदिर कमेटी की और से कोई भी निर्माण कार्य आसानी से नहीं हो पा रहा। जिसके चलते यहां पुरानी बनी सड़क,पुलिया सहित संर्कीण रास्ता होने के चलते श्रृद्धालुओं को यहां आने में दिक्कतों का सामना करना पडता है। परंतु जब भी प्रशासन यहां सडक निर्माण या पुलिया निर्माण या कोई भी नया कंस्ट्रक्शन का प्लान करता है तो फॉरेस्ट विभाग की एनओसी का रोडा सबसे पहले आता है और यहां मंदिर क्षेत्र में कोई नया बदलाव नहीं हो पा रहा है। जिससे श्रृद्धालुओं को राहत मिल सके।