Shivpuri News- भर्ती मरीजों को पंखे भी लाने पड़ रहे हैं, अस्पताल में कूलर नहीं है

शिवपुरी। खबर जिला चिकित्सालय से आ रही है। जो जिला चिकित्सालय बीते कोरोना काल में मरीजों के लिए जीवनदायिनी बना वह अपनी समय बीतते ही अपनी दुर्गती पर आंसू रो रहा है। कभी मध्यप्रदेश में कायाकल्प अभियान के तहत नंबर 1 की स्थिति हासिल करने बाला जिला चिकित्सालय जैसे ही मरीजों का लोड कम हुआ अब वह अपनी दुर्गती पर आंसू बहा रहा है। एक तरफ तो मेडिकल कॉलेज के स्टार्ट होते ही जिला चिकित्सालय पर लोड कम हो गया।

जिससे अनुमान लगाया जा रहा था कि अब मरीजों को जिला चिकित्सालय में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। परंतु यहां तो इसके उलट सब हो रहा है। हालात यह है कि अस्पताल मेें न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही एसी कूलरों की। हालात यह है कि अगर किसी को अस्पताल में भर्ती होना है तो उसके लिए पहले पैसे खर्च करने पड़ेंगे वह भी नया पंखा खरीदना बढेगा।

अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते जिला चिकित्सालय में भर्ती मनीष निवासी धौंधा ने बताया कि उसके मुंह से हल्का खून आ रहा था। जिस के उपचार के लिए वह शिवपुरी के जिला अस्पताल में भर्ती हुआ है। उसे भर्ती हुए 3 दिन हो चुके हैं जिस जगह उसे वार्ड में उपचार के लिए बिस्तर मिला है उसका पंखा खराब है। पंखा सही करवाने या फिर उसके स्थान को बदलवाने का आग्रह वह कई बार स्टाफ से कर चुके हैं परंतु उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। चिलचिलाती गर्मी से निजात पाने के लिए वह स्वयं बाजार गया और बाजार से एक हजार रुपए का फर्राटे वाला पंखा खरीदकर लाया।

वहीं,शिवपुरी के ही जिला अस्पताल में भर्ती कमलागंज निवासी अन्य मरीज आकाश ने बताया कि वह सीने में दर्द के चलते पांच दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था। गर्मी तेज थी वार्ड में जिस स्थान पर उसे बिस्तर दिया था पंखा नहीं था साम को ही उसे घर से पंखा मंगवाना पड़ा। मरीज आकाश ने बताया कि जिस वार्ड में वह भर्ती है वहां गंदगी फैली रहती है परन्तु कोई सफाई करने तक नहीं आता।

इनका है कहना
मेने 14 अप्रैल को ही सिविल सर्जन का पदभार ग्रहण किया है। कुछ वार्डो में पंखे खराब होने की जानकारी मिली है। आज ही इलेक्ट्रीशियन को खराब पंखे सही कराने के निर्देश दिए है।
डॉ आर के चौधरी,सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय शिवपुरी।