रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए और यौन शोषण के आरोपी RS परिहार को पद से हटाने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन - Shivpuri News

शिवपुरी। आज जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया का एक दिवसीय कार्यक्रम शिवपुरी जिले में हुआ। जिसमें प्रभारी मंत्री ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में समीक्षा बैठक सहित अन्य कार्यक्रमों में भाग लिया। इसी दौरान आज प्रभारी मंत्री के आगे सहरिया विकास परिषद मध्यप्रदेश के जिलाध्यक्ष जगराम पटेल और सदस्य भूपसिंह आदिवासी ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के रिश्वतखोर डीटीओ को हटाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपते हुए जगराम पटेल ने बताया है कि आदिम जाति कल्याण विभाग के वर्तमान जिला संयोजक राजेश सिंह परिहार को एक माह पूर्व लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर द्वारा बीते 22 मार्च को को अपने भृत्य के माध्यम से 80,000/- (अस्सी हजार रूपये) की रिश्वत के कलेक्ट्रेट शिवपुरी में रिश्वत लेते हुये रंगेहाथ गिरफ्तार कर आरोपी बनाया गया था।

इस मामले को पूरे प्रदेश की मीडिया ने भी प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद भी अधिकारियों ने निमयों को ताक पर रखकर इसे आज दिनांक तक पद से नहीं हटाया। शासन के नियमानुसार किसी अधिकारी और कर्मचारी द्धारा रिश्वत लेते पकडे जाने के तीन दिन में उसे पद से हटाना होता है। परंतु यहां नियमों को खुलेआम ठेंगा दिखाकर उक्त आरोपी कुर्सी से चिपका बैठा है।

यहां बता दे कि इस रिश्वत कांण्ड के आरोपी आर.एस. परिहार पर एक यौन उत्पीड़न का आपराधिक प्रकरण क्रमांक धारा 354, 354A, 34 एवं 3 (1) W एस.टी./एस.सी. एक्ट का आदिवासी महिला अधीक्षिका द्वारा पुलिसथाना कैंट (गुना) में दर्ज कराया गया था जिसका प्रकरण विशेष न्यायालय गुना में चल रहा है।

बताया गया है कि परिहार द्वारा अभी भी विभागीय अधीक्षकों को अपने निवास पर बुलाकर डराकर रिश्वत वसूली की जा रही है। प्रभारी मंत्री से प्रार्थना करते हुए उन्होने बताया है कि इतना सबकुछ शासन एवं प्रशासन के संज्ञान में होते हुये भी भ्रष्ट तानाशाह यौन शोषण एवं रंगे हाथों रिश्वत लेने पर पकड़े जाने के मुख्य आरोपी वर्तमान जिला संयोजक आर. एस. परिहार को जिले में उसी स्थान पर उसी पद पर बनाये रखना एवं प्रशासन व विभाग द्वारा एक माह तक उसको पद से पदच्युत एवं स्थान परिवर्तन न करना उसकी स्थानीय प्रशासन तथा भोपाल में सचिवालय एवं मंत्रालय में उँची पकड़ एवं रसूख का स्पष्ट उदाहरण है जिसे स्वयं आरोपी परिहार बड़े गर्व से कहता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है ऊपर वाले सब बिके हुये है।