पीएम आवास और स्वच्छ भारत अभियान को भोडन पंचायत में लगाया पलीता, लीपापोती में जुटे अधिकारी- khaniyadhana News

खनियांधाना। जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में..गांव तक वह रोशनी आएगी कितने साल में..बूढ़ा बरगद साक्षी है किस तरह से खो गई..राम सुधि की झोपड़ी सरपंच की चौपाल में" लेकिन अब कहानी झोपड़ी से आवास तक पहुंच गई. पैसा निकला तो गरीबों के आवास के लिए लेकिन पता नहीं कहां अटक गया. खनियाधाना जनपद की ग्राम पंचायत भोड़न में प्रधानमंत्री आवास योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में जमकर धांधली की जा रही है। खासकर पंचायत को भेजे गए धन में खूब मनमानी की जा रही है। लेकिन जांच के नाम पर कई मामले में पंचायती राज विभाग के अफसर व कर्मचारी लीपापोती कर रहे है।

जानकारी की अनुसार जिला पंचायत कार्यालय शिवपुरी में लगभग 2 वर्ष पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलदीप सिंह चौहान द्वारा प्रत्यक्ष प्रमाण की गयी थी लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ सिर्फ कार्रवाई से बचाने के लिए रोजगार सहायक नीलम यादव जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही की जगह चलाए जा रहे नोटिसों के बाण चलाये जा रहे है।

खनियांधाना जनपद की ग्राम भोड़न में प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण योजना के अंतर्गत आवास योजना और शौचालय निर्माण का लाभ दिलाने में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है यहाँ फर्जी जॉबकार्डों के सहारे कलम की कलाबाजी दिखाई है।बताते हैं कि इस योजना में फर्जी जॉब कार्ड से कागजों पर चला कर मजदूरों का पैसा हजम कर लिया गया है।

तमाम ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर पैसा लेकर शौचालय नहीं बनवाने का आरोप लगाया है। आवास और शौचालय मकान पूर्ण होने की फोटो वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई, जबकि हकीकत में उसमें से बहुत सारे मकान ओर शौचालय अधूरे हैं। इस आधार पर तीन किस्तें भी निकाल ली गईं। पूरी पंचायत में यह खेल चल रहा है।

कई जगह तो आवास किसी ओर का डिमांड किसी ओर की डाली गई है इसमें रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी तरीके से व्यक्ति के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड ओर फर्जी मस्टर भरकर लाखों करोड़ों की राशि फर्जी तरीके से निकाली वह भी एक बार नहीं कई बार किया गया है।

आरोप है कि योजना का लाभ देने के लिए भोड़न में सरपंच,सचिव,ओर रोजगार सहायक ने प्रधानमंत्री आवास में 20 हजार रूपये और शौचालय में 2000 रूपये वसूली किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

यहां भारी संख्या में अपूर्ण शौचालय ओर प्रधानमंत्री आवास देखने को मिल रहे हैं।वहीं कई घरों में बने शौचालयों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। दर्जनों की संख्या में पड़े अधूरे शौचालय ग्राम पंचायत प्रशासन सहित ओडीएफ घोषित करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे है

इनका कहना है
लगभग 2 सालों से नोटिस आ रहे हैं कोई कार्यवाही नहीं हो रही है ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन और पीएम आवास के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ है लेकिन नोटिस देकर ही खानापूर्ति की जा रही है
कुलदीप सिंह चौहान पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिवपुरी