नमस्कार यह शिवपुरी जिला हैं,यहां हजारो साल पुराने तालाब बेचे जाते है,प्रशासन की है यह मौन स्वीकृति Ex-Rey @Lalit mudgal

शिवपुरी। जिला प्रशासन के अपर कलेक्टर ने बदरवास में 1 बीघा पर अवैध कालोनी काटने वाले पति पत्नी पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। लगता है कि अवैध कॉलोनी काटने वालो पर प्रशासन सख्त है,लेकिन वही दूसरी ओर हजारो साल पुराने तालाब को भराव कर उस पर बेचने की तैयारी भूमाफिया कर रहे है।

तालाब को समतल करना बड़ी बात है अचानक नहीं हो सकता, लेकिन भूमाफिया धीरे धीरे इस ओर बड रहे हैं मीडिया लगातार इस मामले खबरो का प्रकाशन भी कर रहा हैं लेकिन प्रशासन का परिंदा भी तालाब पर नहीं पहुच रहा है,अब यह लिख सकते हैं अधिकारियों ने इस तालाब को बेचने की मौन स्वीकृति प्रदान कर दी है,आईए प्रशासन की इस मौन स्वीकृति का एक्सरे करते हैं।

हम बात कर रहे हैं,जिले के नरवर नगर के नरवर किले के परकोटे में बने खाई तालाब की,कुछ वर्ष पूर्व प्रशासन ने खाई तालाब में खेती के लिए ढीमर समाज के लोगों को पट्टे प्रदान किए थे। राजस्व विभाग की मिली भगत से पट्टों की रजिस्ट्री हो गईं और इसके बाद यह सरकारी तालाब धीरे-धीरे व्यक्तिगत संपत्ति बनकर बिकता चला गया। अब पूरा तालाब राजस्व दस्तावेजों में बड़े-बड़े भूमाफियाओं के नाम पर दर्ज हो गया है।

यह भू-माफिया शनैः शनैः तालाब का भराव कर उसे समतल करने में लगे हुए हैं, ताकि निकट भविष्य में यहां पर प्लॉटिंग की जा सके। खास बात यह है कि यह पूरी कारगुजारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में है, इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की बजाय उन्होंने भू-माफियाओं को यहां प्लॉट तैयार करने की मौन स्वीकृति प्रदान कर दी है।

कहां जाएगा बारिश का पानी
यहां बताना होगा कि खाई तालाब में आस पास के क्षेत्र में बारिश का पानी आता है। अगर इस तालाब का भराव हो जाएगा तो बारिश का पानी कहां जाएगा? ऐसे हालातों में जब कस्बे में और आसपास की कॉलोनियों में पानी भरेगा तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा। इसके अलावा इस तालाब के कारण क्षेत्र के कई बोर, हैंडपंप व कुओं में पानी का जलस्तर बना रहता है, वह जल स्त्रोत भी तालाब का अस्तित्व खत्म होते ही सूखने की कगार पर आ जाएंगे।