हट सकते है सरकुला डेम से संकट के बादल, वन एंव पर्यावरण मंत्रालय प्रतिनिधि ने किया डेम का निरीक्षण- Shivpuri News

संतोष पोहरी@शिवपुरी। सरकुला डेम जो कि पोहरी की जनता के लिए जीवन रेखा माना जा रहा है उसके निर्माण में आ रही वन विभाग की आपत्त्तियों को दूर करने के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिनिधि ने डैम स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही वन विभाग को हस्तांतरित की गई भूमि का भी निरीक्षण किया। आपत्तियों को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग एवं वन विभाग के बीच सामंजस्य स्थापित होने के साथ ही आपत्तियों पर भी चर्चा की गई जिसके परिणाम सकारात्मक रहने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार सरकुला डैम निर्माण में डूब क्षेत्र में आ रही वन विभाग की भूमि को लेकर कुछ आपत्तियां थीं उनके निराकरण के लिए गुरुवार को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार की प्रतिनिधि प्राची गंगवार ने डेम स्थल एवं टोंका में दी गई भूमि का निरीक्षण किया, इस दौरान उनके साथ सुनील अग्रवाल PCCF कैम्पा मप्र, मीना मिश्रा डीएफओ शिवपुरी, डीके शर्मा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन शिवपुरी, एमके सिंह एसडीओ वन विभाग पोहरी, के पी एस धाकड़ वन परिक्षेत्राधिकारी पोहरी उपस्थित रहे।

यहां बताना लाजमी होगा कि सरकुला डैम का भूमिूपूजन 11 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा किया गया था जिसके बाद से डैम निर्माण स्थल पर कुछ दिन मशीनें खडी रहीं परंतु कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था, कारण वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आपत्तियां लगाई गई थीं, जिनमें से 11 आपत्तियों का निराकरण पूर्व में हुई उच्चस्तरीय बैठक में हो चुका था परंतु राजस्व विभाग द्वारा 126.4 हेक्टेयर भूमि जो कि सिरसौद के ग्राम टोंका में वन विभाग को दी गई थी उसको लेकर समन्वय दोनों विभाग के बीच नहीं हो पा रहा था।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डैम स्थल एवं टौंका ग्राम में दी गई भूमि का निरीक्षण करने के उपरांत वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार की प्रतिनिधि प्राची गंगवार मौखिक रूप से सहमति व्यक्त की है, उम्मीद की जा सकती है कि निकट भविष्य में डैम के मूल कार्ययोजना के अनुरूप निर्माण किये जाने में आ रही वन विभाग की अनापत्ति की अडचन भी दूर हो सकेगी।