Good news :मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई कैंसर की यूनिट, ऑपरेशन और कीमोथेरेपी भी स्टार्ट - Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज में अब जनता को सुविधा मिलना शुरू हो चुकी है। अब कैंसर के मरीजों को अब उपचार के लिए महानगर की ओर नही जाना होगा। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में ही कैंसर की अलग से यूनिट स्टार्ट कर दी गई है। इस यूनिट में सिर्फ कैंसर के मरीजो का उपचार किया जाएगा, जिसमें उक्त मरीजों की ओपीडी के अलावा मरीज की आवश्यकता अनुसार उसका ऑपरेशन व कीमोथेरेपी भी की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ केबी वर्मा के अनुसार अभी तक मेडिकल कॉलेज में सर्जरी डिपार्टमेंट में ही कैंसर के मरीजों को देखा जा रहा था, लेकिन अब पिंक कैम्पेन के तहत मेडिकल कॉलेज में कैंसर के लिए अलग यूनिट तैयार की गई है। इस यूनिट में कैंसर के मरीजों के लिए अलग ओपीडी के अलावा उपचार की व्यवस्था की गई है।

डॉ वर्मा के अनुसार सोमवार व गुरुवार को कैंसर के मरीजों की ओपीडी की जाएगी और मंगलवार तथा शुक्रवार को उनके ऑपरेशन किए जाएंगे। इस यूनिट में डॉ धीरेंद्र त्रिपाठी, डॉ धीरेंद्र सचान, डॉ नीति अग्रवाल, डॉ मेघा प्रभाकर, डॉ राकेश शाक्य, डॉ शिखा जैन कैंसर के मरीजों का उपचार करेंगे।

मानसिक व चर्म रोग का उपचार भी संभव

शिवपुरी में मानसिक रोग और चर्म रोगों का कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए महानगरों की तरफ ही जाना पड़ता था, लेकिन अब शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में इन रोगों का उपचार भी संभव हो सकेगा। डॉ वर्मा के अनुसार 25 मार्च को हुए इंटरव्यू में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज को नए चिकित्सा शिक्षक मिले हैं।

इन चिकित्सा शिक्षकों में मानसिक रोग विभाग में देवेश कुमार व्यास, चर्म रोग विभाग में डॉ. प्रीतम सिंह कतरोलिया के अलावा मेडिसिन विभाग में डॉ गिरीश दुबे, अस्थि रोग विभाग में डॉ अरविंद करोरिया शामिल हैं। जिले को मानसिक रोग विभाग व चर्म रोग विभाग में पहली बार चिकित्सा शिक्षक मिले हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अब इन चिकित्सा शिक्षकों के आने से शिवपुरी के मरीजों को काफी लाभ प्राप्त होगा।

इनका कहना है
हमारे यहां अभी तक कैंसर की यूनिट स्टार्ट नहीं थी, जिसे स्टार्ट कर दिया गया है, इसके अलावा चर्म रोग व मानसिक रोग के मरीजों के लिए पहली बार चिकित्सा शिक्षक मिले हैं। अस्थि रोग व मेडिसिन में भी एक-एक चिकित्सा शिक्षक मिले हैं। अब मरीजों को इन रोगों के लिए शिवपुरी से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
डॉ केबी वर्मा, अधीक्षक जीएमसी हॉस्पिटल