विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस की भूमिका शून्य, जिला स्तर पर मार्च में हो सकती बड़ी सर्जरी - Shivpuri News

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शिवपुरी।
मार्च 2020 तक पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में शिवपुरी जिले में कांग्रेस मजबूत विपक्ष की भूमिका में थी। लेकिन सिंधिया और उनके समर्थकों के बड़ी संख्या में भाजपा में शामिल होने के बाद पक्ष विपक्ष का संतुलन शिवपुरी जिले में गड़बड़ा गया है। हालांकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ कांग्रेसी श्रीप्रकाश शर्मा काबिज हैं। जिले की पांच विधानसभा सीटों में से करैरा और पिछोर में कांग्रेस के विधायक है।

लेकिन इसके बाद भी स्थानीय नेतृत्व में प्रखरता न होने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हुआ है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मार्च में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस संगठन में बदलाव संभावित है। कांग्रेस के नए सदर को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा, पूर्व विधायक गणेश गौतम, पूर्व नपा अध्यक्ष जगमोहन सिंह सेंगर, जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष पारम रावत, कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष भरत रावत का नाम शामिल है।

पिछले महीने पूर्व मंत्री केपी सिंह के शिवपुरी आगमन के अवसर पर नेतृत्व में परिवर्तन के इच्छुक कांग्रेसियों ने उनसे भेंट की थी। असंतुष्ट कांग्रेसियों का कथन था कि प्रदेश द्वारा जो कार्यक्रम आते हैं, उसका जिला स्तर पर और मंडल स्तर पर क्रियान्वयन नहीं होता और विपक्ष के रूप में कांग्रेस अपनी भूमिका निभाने में असफल साबित हो रही है। मजबूत विपक्ष न होने के कारण जनता भी विकल्प हीनता की स्थिति में है।

सूत्र बताते हैं कि श्री सिंह ने पहले तो कहा कि नेतृत्व का मामला प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के हाथ में हैं और वह ही उस बारे में समय पर निर्णय लेंगे। लेकिन फिर उन्होंने कार्यकर्ताओं से जिलाध्यक्ष हेतु नाम मांगे। जिलाध्यक्ष पद के लिए जातिगत आधार पर पिछड़े वर्ग को महत्व दिए जाने पर भी चर्चा हुई। यह तर्क दिया गया कि भाजपा का जिलाध्यक्ष पिछड़े वर्ग का है। इसलिए कांग्रेस को भी पिछड़े वर्ग के किसी कार्यकर्ता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देनी चाहिए।

पोहरी विधानसभा उपचुनाव के बाद से राजनीति से दूर चल रहे पारम रावत ने भी श्री सिंह के आगमन पर अपनी आमद दर्ज कराई। कुछ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पद हेतु उनका नाम सुझाया। वहीं भरत रावत के नाम पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष पद के लिए जो अन्य प्रमुख नाम चर्चा में आया वह है पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. दाऊ हनुमंत सिंह के सुपुत्र विजय सिंह चौहान का। बहुत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके नाम की पैरवी की। वहीं कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक गणेश गौतम और जगमोहन सिंह सेंगर का नाम सुझाया। हालांकि वर्तमान जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा को यथावत रखने की पैरवी भी उनके समर्थकों ने की।
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