कीचड़ का पानी पीने को मजबूर,गांव में एक भी हैंडपंप नहीं: आदिवासी बोले नहीं पीएंगे तो मर जाएंगे - kolaras News

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शिवपुरी।
कोलारस विधानसभा के ग्राम गोराटीला में आदिवासी ग्रामीण तालाब का गंदा कीचड़ युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह हालात आज के नहीं हैं, बल्कि वर्षों से उन्हें यही पानी पीना पड़ रहा है। जब तालाब सूख जाता है तो उन्हें दो से तीन किमी दूर पानी लेने जाना पड़ता है।

विडंबना यह है कि इस पानी को पीने वाले ग्रामीण भी जानते हैं कि इस पानी को पीने वाले ग्रामीण भी जानते हैं कि इसे पीने से वह बीमार हो जाएंगे लेकिन फिर भी वह इस पानी को इसलिए पी रहे हैं, क्योंकि उनके सामने दूसरा कोई विकल्प है ही नहीं। उनके अनुसार अगर वह इस पानी को नहीं पीएंगे तो प्यासे मर जाएंगे। इस जमीनी हकीकत का खुलासा आज तब हुआ जब कांग्रेस के कार्यकर्ता घर चलो, घर-घर चलो सदस्यता अभियान के तहत गोरा टीला की आदिवासी बस्ती में पहुंचे।

ग्रामीणों का कहना था कि वोट लेने के बाद आज तक न तो भाजपा का कोई नेता यहां आया है न ही कांग्रेस का। कभी अधिकारियों ने भी उनकी सुध नहीं ली। विधायक व भाजपा पर लगे आरोपों के संबंध में जब वीरेंद्र रघुवंशी को फोन लगाया तो उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया।

बलराम रघुवंशी ने बताया कि जब हम सदस्यता अभियान के तहत गांव पहुंचे जब हमें ग्रामीणों की इस समस्या का पता चला,बलराम-हम कलेक्टर और सरकार को ज्ञापन देंगे,हैंडपंप लगवाएंगे।

इनका कहना है
वहां पेयजल की समस्या तो है। हैंडपम्प वहां नहीं है, लेकिन ग्रामीण तालाब का पानी पी रहे हैं यह मेरी जानकारी में नहीं है, क्योंकि मैं हाल ही में ट्रांसफर होकर वहां पहुंचा हूं।
शिवनंदन लोधी पंचायत सचिव