धरातल पर थी ही नही थी जमीन और कागजों में बेच दी 24 लाख रुपए में: 1 महिला सहित 4 पर FIR

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शिवपुरी।
कोतवाली शिवपुरी में फरियादी प्रकाशचंद्र राठौर निवासी शिव कॉलोनी की रिपोर्ट पर मनियर में रहने वाले दंपत्ति काशीराम राठौर पुत्र इमरत राठौर, श्रीमति रामवती राठौर पत्नी काशीराम राठौर और रामचरण पुत्र प्रभूदयाल राठौर के विरूद्ध भादवि की धारा 406 और 420 के तहत अमानत में ख्यानत एवं धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

आरोपीगण पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्वामित्व की कृषि भूमि बताकर फरियादी से अनुबंध के रूप में साढ़े 4 लाख रूपए बयाना ले लिया था। जबकि अनुबंध पत्र में वर्णित स्थान पर आरोपी काशीराम की कोई भूमि शेष नहीं बची थी। अनुबंध पत्र पर गवाह के रूप में आरोपी रामशरण राठौर के हस्ताक्षर हैं। फरियादी को जब इस धोखाधड़ी का पता चला तो उसने आरोपीगण से बयाने में दी गई। साढ़े 4 लाख रूपए की राशि वापिस मांगी। जिसे देने से आरोपियों ने इनकार किया।

फरियादी प्रकाश चंद्र राठौर ने कोतवाली शिवपुरी में आवेदन दिया कि आरोपी काशीराम राठौर ने उसे अपनी कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 17 मिन 1 रकवा 1.129 हैक्टेयर (लगभग साढ़े 5 बीघा) ग्राम मनियर में होना बताया। जिस पर उसने आरोपी काशीराम राठौर से उक्त भूमि में से रकबा 0.0209 हेक्टेयर (1 बीघा) भूमि का दिनांक 30/08/2014 को 24 लाख रूपए में बिक्री करने का सौदा किया और जिसके एवज में बताने में साढ़े 4 लाख रुपए नगद देकर अनुबंध पत्र संपादित कराया। उक्त अनुबंध पत्र पर आरोपी रामचरण राठौर और रामू राठौर के हस्ताक्षर हैं। रामू राठौर का दिनांक 10 मार्च 2020 को निधन हो चुका है।

फरियादी प्रकाश चंद्र का कहना है कि उसने उक्त भूमि की खसरा वर्ष 2020-21 की प्रतिलिपि प्राप्त की तथा संबंधित पटवारी से सम्पर्क किया तो उसे ज्ञात हुआ कि काशीराम ने उक्त भूमि में से 2 बीघा भूमि राकेश राठौर और मुकेश राठौर को 08/12/2011 को विक्रय कर दिए हैं तथा दो बीघा भूमि अपनी पत्नी श्रीमति रामवती को 30/08/2014 को विक्रय कर दिए हैं। उक्त विक्रय पत्र पर गवाह के रूप में रामचरण राठौर के हस्ताक्षर हैं। फरियादी का कहना है कि जब उसने विक्रय की गई भूमि की चतुर्थ सीमा देखी तो उसे विदित हुआ कि उसके अनुबंध पत्र की भूमि भी आरोपी काशीराम ने बिक्री कर दी है। अनुबंध पत्र में वर्णित स्थान पर कांशीराम की कोई भूमि शेष बची ही नहीं थी।
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