बुध नही रहा शुद्ध: तीसरी लहर में सबसे ज्यादा संक्रमित 34 मरीज मिले जिले में, 13 दिन में 142 लोग संक्रमित- Shivpuri News

शिवपुरी। देश में कोरोना की तीसरी लहर सक्रिय हो चुकी हैं। इसी क्रम में शिवपुरी जिल में नए साल में पहला मरीज मिला था। उसके बाद प्रतिदिन संक्रमित मरीज मिल रहे हैं बुधवार को तीसरी लहर का सबसे बडा आंकड़ा 34 मरीज जिले में संक्रमित मिले हैं। इस प्रकार जनवरी के 13 दिन में 142 लोग संक्रमित हुए हैं।

इस बुरी खबर में दूसरी लहर से तुलना करे तो 2 बातें अच्छी हैं। पहली की जो लोग संक्रमित हुए हैं उनके शरीर पर संक्रमण अधिक ज्यादा प्रभाव नही डाल रहा हैं। 142 मरीजों में से केवल 5 मरीजों को हॉस्पिटल की आवश्यकता पडी और 142 संक्रमित लोगों में से 11 जनवरी तक 21 मरीज को स्वस्थ भी हो चुके हैं।

इससे खुश होने की आवश्यकता नही हैं हमें लगातार कोविड की गाइडलाइन का पालन करना हैं। इस भी मरीज दूसरे मरीज को संक्रमित कर सकता हैं उसके परिवार को संक्रमित कर सकता हैं। यह जंग हैं कोरोना से इसलिए देश के प्रत्येक नागरिक को संक्रमित होने से बचना हैं।

यह कहना हैं विशेषज्ञों का.......
इलाज के लिए अस्पताल या कोविड केयर सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जो संक्रमित मिले हैं उनमें तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी देखने को नहीं मिले। सिर्फ हल्की सर्दी या हल्के बुखार ही उनमें देखा गया। विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि अब भले ही संक्रमण फैल तेजी से रहा हो, लेकिन इसका असर काफी कम है। पहले की तरह यह स्वास्थ्य को बहुत नुकसान नहीं पहुंचा रहा है। हालांकि बुधवार को जिले में कोरोना विस्फोट हुआ है। दूसरी लहर के बाद सबसे अधिक 34 मरीज मिले हैं।

तीसरी लहर में सबसे बडा आंकडा बुधवार को

तीसरी लहर में संक्रमितों का सबसे बड़ा आंकड़ा बुधवार को देखा गया। बुधवार को आई रिपोर्ट में जिले में 34 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके पहले 6 जनवरी को सबसे अधिक 22 कोरोना संक्रमित मिले थे। बुधवार को आई लिस्ट में बदरवास सीएचसी व खोड़ पीएचसी के दो स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना की चपेट में आए हैं।

वहीं आइटीबीपी करैरा में भी संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी है। यहां बुधवार को भी जवान पॉजिटिव आए हैं। इसके अलावा कोलारस, बैराड़ के साथ शहर में नबाव साहब रोड, विवेकानंद कॉलोनी, हम्माल मोहल्ला, कृष्णपुरम, बैंक कॉलोनी आदि जगहों पर कोरोना संक्रमित मिले हैं।

दोनों डोज लगवाए, पहले संक्रमित भी हुए फिर भी चपेट में

तीसरी लहर में भी वायरस को लेकर निश्चित होने की गलती नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग पहले संक्रमित हो चुके हैं वे भी दोबारा संक्रमित हो रहे हैं। एक बार संक्रमित हो जाने से शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है। इसके अलावा जिले में मिले संक्रमितों में से लगभग सभी लोग दोनों डोज भी लगवा चुके हैं। फिर भी वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि टीकाकरण का काफी असर देखने को मिल रहा है और सामान्य दवाओं से ही मरीज स्वस्थ हो रहे हैं।

सिर्फ सात दिन में कोविड निगेटिव, शर्त इतनी कि तीन दिन बुखार न आए

दूसरी लहर के मुकाबले अब कम दिनों में ही कोरोना संक्रमण से जंग जीती जा रही है। दूसरी लहर में कोविड नेगेटिव होने के लिए 14 दिन तक लिए जा रहे थे। होम क्वारंटाइन की न्यूनतम अवधि ही 10 दिनों की थी। जबकि अब सिर्फ 7 दिनों में ही मरीज को कोविड निगेटिव मान लिया जा रहा है।

इसके लिए जरूरी है कि संक्रमित को लगातार तीन दिनों तक बुखार न आए या अन्य कोई लक्षण न दिखें। यही कारण है कि जिले में 11 दिनों के भीतर ही 21 मरीज कोविड निगेटिव हो गए हैं। 4 जनवरी तक कोरोना संक्रमित मिले सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

इनका कहना है
अभी जो मरीज मिल रहे हैं इनमें कोरोना के बहुत मामूली लक्षण हैं। अब नए प्रोटोकॉल के मुताबिक 7 दिन में ही संक्रमित को कोविड निगेटिव मान रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि लगातार तीन दिन तक उनमें कोई लक्षण न दिखें। इसलिए जिले में कई मरीज तो डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। विभाग लगातार टेस्टिंग और ट्रेनिंग पर काम कर रहा है।