पीडब्ल्यूडी कर्मचारी से धनी लोन के मैनेजर ने ठगे 1 लाख 70 हजार, क्रेडिट कार्ड के जरिए शॉपिंग- Shivpuri News

शिवपुरी।
शहर के सिटी कोतवाली क्षेत्र के बछौरा में रहने वाले पीडब्ल्यूडी विभाग में भृत्य के पद पर पदस्थ भजन सिंह कुशवाह के साथ धनी इंस्टेंट पर्सनल लोन कम्पनी के मैनेजर मेघराज दांगी निवासी बीजरी कोलारस ने 1 लाख 22 हजार रूपए की 19 दिसंबर से 22 दिसंबर 2021 के बीच ऑनलाईन शॉपिंग कर ठगी कर ली। इसके अलावा आरोपी ने फरियादी से 45 हजार रूपए से अधिक राशि एनओसी दिलाने हेतु प्राप्त की और उसे कम्पनी में जमा नहीं किया।

क्रेडिट कार्ड के मामले में आरोपी ने भजन सिंह से उसके मोबाइल पर आई ओटीपी प्राप्त कर उसके नाम पर के्रेडिट कार्ड बनवा लिया और फिर बालाजीधाम के पास स्थित साधना पेट्रोल पम्प पर अपने साथी को पहुंचाकर वहां से 1 लाख 22 हजार रूपए निकाल लिए। जिसकी जानकारी पीडि़त को लगी तो उसने पुलिस को मामले की जानकारी दी। जिस पर पुलिस ने आरोपी मैनेजर के खिलाफ भादवि की धारा 420 के तहत प्रकरण कायम कर लिया।

फरियादी भजन सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने धनी इंस्टेंट पर्सनल लोन कम्पनी से ऑनलाईन 1 लाख 22 हजार रूपए का लोन प्राप्त किया था। जिसकी 6 हजार 526 रूपए की 6 किश्तें उसके खाते से ऑनलाइन कट गईं और उसका सिविल स्कोर भी अच्छा था। चूकि उसकी पुत्री का विवाह होने के कारण उसे रूपयों की आवश्यकता पड़ी तो उसने भारतीय स्टेट बैंक में लोन के लिए सम्पर्क किया।

यहां मैनेजर ने उसे बताया कि उसके ऊपर जो 1 लाख 22 हजार रूपए का जो लोन चल रहा है, उसे क्लोज करने पर ही बैंक लोन दे सकेगी। इसके बाद उसने धनी इंस्टेंट पर्सनल लोन कम्पनी का ऋण अदा करने के लिए ऑनलाइन सम्पर्क किया। लेकिन उसे एक साथ पूरा भुगतान करने की जानकारी नहीं मिली तो सावरकर मार्केट में स्थित धनी इंस्टेंट पर्सनल लोन के कार्यालय जाकर लोन क्लोज करने की बात कही।

इस तरह हुआ फरियादी ठगी का शिकार

अपने बकाया लोन के भुगतान हेतु फरियादी भजन सिंह कुशवाह कम्पनी के दफ्तर पहुंचा। जहां उसकी पहचान कम्पनी के मैनेजर मेघराज दांगी से हुई। जिसने उसे बताया कि अभी उसके ऊपर ऋण का लगभग 96 हजार रूपया बकाया है और यह राशि अदा करने पर ही उसे एनओसी मिलेगी। इस पर फरियादी ने 96 हजार रूपए दे दिए तो मैनेजर ने उससे कहा कि एनओसी कम्पनी से जल्द आएगी।

लेकिन एनओसी नहीं आई और ऋण की किश्ते मैनेजर मेघसिंह दांगी लगभग एक साल तक अपने पास से भरता रहा। जब फरियादी ने एनओसी का दबाव बनाया तो आरोपी ने उससे एक ओटीपी हांसिल कर ली और उसके नाम से अपनी ही कम्पनी से के्रेडिट कार्ड ले लिया। इसके बाद अप्रैल 2021 में आरोपी ने ऑनलाईन लोन की किश्तें भरनी भी बंद कर दीं और 22 नबंवर 2021 को उसने के्रेडिट कार्ड से 1 लाख 22 हजार रूपए की शॉपिंग कर ली। जिसका मैसेज उसे मिला तो वह सकते में आ गया।

पेेट्रोल पम्प कर्मचारी कमीशन लेकर दर्शा देता था क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग
इसके बाद फरियादी पुलिस को लेकर साधना पेट्रोल पम्प पर पहुंचा। जहां ज्ञात हुआ कि पेट्रोल पम्प के कर्मचारी कमीशन लेकर क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग दर्शाकर नगद भुगतान देते हैं।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उक्त आरोपी के बारे में पूछताछ की और वहां के सीसीटीव्ही कैमरे खंगाले 22 नबंवर को पेट्रोल पम्प कर्मचारी वहां आए एक युवक को भुगतान दे रहा है। जो व्यक्ति क्रेडिट कार्ड से पैसे ले रहा है, उसकी भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। इसके बाद उसने थाने में आवेदन दिया। जिसकी जांच के बाद पुलिस ने मामले में प्रकरण कायम कर लिया।

एक अन्य व्यक्ति भी हुआ आरोपी की ठगी का शिकार

फरियादी भजन सिंह कुशवाह के साथ उसका एक अन्य साथी मोहन सिंह कुशवाह भी धनी इंस्टेंट पर्सनल लोन कम्पनी के मैनेजर के हाथों ठगी का शिकार हुआ। मोहन सिंह कुशवाह ने बताया कि उसने भी कम्पनी से 1 लाख 20 हजार रूपए का ऋण प्राप्त किया था। जिसकी मासिक किश्ते वह लगातार भरता रहा।

लोन अदा करने के लिए उसने बांकी राशि कम्पनी के मैनेजर को एनओसी प्राप्त करने हेतु दी। लेकिन मैनेजर ने उसके ऋण खाते में उसके द्वारा दी गई लगभग 70 हजार रूपए की राशि जमा नहीं की और इस कारण उसे एनओसी नहीं मिली। पता चला कि बैंक मैनेजर उसके द्वारा दी गई राशि को हड़प गया है। इसकी शिकायत मोहनसिंह कुशवाह ने भी थाने में की है।