राज्य शिक्षक संघ: शिक्षा विभाग को पुनः जीवित करने वाले दिन मनया जाऐगा शिक्षा सेवा प्रतिस्थापना उत्सव दिवस- Shivpuri News

शिवपुरी।
राज्य शिक्षक संघ मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 21 जनवरी 2022 को राज्य शिक्षा प्रतिस्थापना उत्सव दिवस मनाया जाएगा। यह निर्णय प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव की अध्यक्षता में 26 दिसम्बर को प्रांतीय कार्यकारिणी की आभासी बैठक में लिया गया।

यह जानकारी देते हुए राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी ने प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव के हवाले से बताया कि राज्य शिक्षक संघ के आंदोलन के चलते प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराजसिंह चौहान ने 21 जनवरी 18 को अध्यापक संवर्ग (स्थानीय निकाय) में पदस्थ शिक्षको का शिक्षा विभाग में संविलियन कर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा समाप्त किये गए ।

शिक्षा विभाग को पुनः जीवित कर नवीन शैक्षणिक संवर्ग की घोषणा की थी। जिसके परिणाम स्वरूप राज्य शिक्षा सेवा का गठन किया गया व अध्यापकों को शिक्षा विभाग में नियुक्ति दी गई। उसी घोषणा की स्मृति में राज्य शिक्षक संघ द्वारा राज्य शिक्षा सेवा प्रतिस्थापना उत्सव दिवस* आयोजित किया जाऐगा।

यह उत्सव ब्लॉक, जिला व प्रदेश स्तर पर होगा।ब्लॉक व जिला स्तर पर 15 से 20 जनवरी 2022 को सुविधा अनुसार आयोजन किया जाएगा जिसमे क्षेत्र के प्रभारी मंत्री, क्षेत्रीय सांसद ,विधायक व अन्य जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा व मुख्य आयोजन 21जनवरी 22 को भोपाल में माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।

जिसमे संघ द्वारा मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा के डूबते जहाज को बचाने का प्रसंसनीय कार्य किया गया इसलिए उनका अभिनंदन करते हुए राज्य शिक्षा सेवा की विसंगतियो आदि से अवगत कराते हुए अंशदायी पेंशन के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने की मांग करते हुए लंबित समस्याओं से भी अवगत कराया जाएगा।

बैठक में यह निर्णय भी लिया कि पुरानी पेंशन केवल शिक्षको की या राज्य की समस्या नही है, यह समस्या समस्त अंशदायी योजना प्राप्त लोकसेवकों की है इसलिये राज्य शिक्षक संघ पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के बैनर तले राज्य व केंद्र के लोकसेवकों को जोड़ते हुए राज्य स्तर पर *पेंशन बहाली न्याय यात्रा* व केंद्र स्तर पर अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाकर कर्मचारियों के हित मे लड़ेंगे। व हर स्तर पर सम्मेलन, आंदोलनों के माध्यम से यह मांग उठाई जाएगी। राजधानी भोपाल के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी आवश्यक हुआ तो राष्ट्रीय संगठनों के साथ संयुक्त आंदोलन किया जाएगा। ।