पट्टी तक को तरस रहा हैं कोलारस का अस्पताल, कैमरे में कैद किया घटना को, डॉक्टर ने छीन लिया मोबाइल- kolaras News

कोलारस। बेहत्तर स्वास्थय सुविधाए देने का वादा करता शिवपुरी के स्वास्थय विभाग की पोल कोलारस का अस्पताल खोल रहा हैं। कोलारस के सरकारी अस्पताल में घायल हुए मरीजो के लिए पट्टी तक नही हैं। दवाओ की कमी की बीमारी लंबी हैं। अब पट्टी के लिए भी जुझ रहा हैं।

बताया जा रहा हैं कि गुरुवार को जब खोंकर गांव में हुए एक झगड़े में घायल हुए ग्रामीण आशाराम जाटव घायल होने के बाद पुलिसकर्मी के साथ मेडीकल के लिए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वहां मेडीकल स्टाफ ने दवाएं तो दवाएं, चोट पर बांधने के लिए पट्टी तक मेडीकल के लिए पहुंचे घायल मरीज के परिजनों से मंगवाई। जब परिजनों ने इन हालातों का वीडियो बनाना चाहा तो डयूटी पर मौजूद डॉ राजपूत ने उनका मोबाइल छीन लिया और इलाज करने से भी इंकार कर दिया।

ये है नियम
बात अगर नियम की करें तो अगर किसी व्यक्ति का मेडिकल पुलिस करवाती है तो मेडीकल के दौरान एक रुपए से लेकर जितने भी रुपए की सामग्री, दवा या अन्य सामान लगेगा वह सब सरकारी होगा। घायल व्यक्ति या उसके परिजनों से कोई भी समान बाजार से नहीं मंगाया जाएगा।

इनका कहना है
घायल का रिश्तेदार, सुनील का कहना है कि मरीज के पास एक भी रुपए नहीं हैं। अभी मैंने उसे 500 रुपए दिए हैं। तब वह 200 रुपए की दवा बाजार से लेकर आया। इसके बाद भी डॉक्टर इलाज से इंकार कर रहे हैं।

ड्यूटी डॉक्टर, डॉ राजपूत ने बताया कि हमारे पास जो भी दवाएं उपलब्ध हैं हमने वह लगा दी हैं। परिजन के कहने पर दवा बाजार से मंगाई थी। मरीज को रैफर कर दिया गया है। हॉस्पिटल में अनुपलब्ध दवाओं के संबंध में मैं कुछ नहीं कह सकता।